हरियाणा: निजी स्कूलों की मदद से सुधरेगा सरकारी स्कूलों का शिक्षा स्तर, जानें कौन-सा नया विषय किया अनिवार्य
पंचकूला, 24 फरवरी 2022: हरियाणा सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए अहम कदम उठाए हैं। सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए निजी स्कूलों की मदद ली जाएगी। इसके साथ ही विद्यार्थियों को और अधिक सक्षम बनाने के लिए एक नए विषय कौशल विकास को नौवीं से 12वीं कक्षा तक अनिवार्य विषय बना दिया गया है। सरकारी विद्यालयों का सर्वागींण विकास करने के लिए निजी स्कूलों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया जाएगा। सभी शिक्षण संस्थानों के रखरखाव के लिए इंजीनियरिंग विंग बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्कूली शिक्षा, उच्चतर शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास को लेकर बजट पूर्व परामर्श बैठक में यह बात कही। इस दौरान शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर उनके साथ थे। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने कहा कि कक्षा नौवीं से 12वीं तक कौशल विकास का विषय अनिवार्य रूप लागू किया जाएगा ताकि प्रदेश के युवा स्वरोजगार एवं रोजगारपरक शिक्षा ग्रहण कर सकें। सरकार का फोकस कम लागत में बेहतर शिक्षा मुहैया कराने और सभी शिक्षण संस्थाओं में अच्छी गुणवत्ता का इन्फ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति वर्ष 2025 तक लागू करनी है। व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ संस्कृति उत्थान के लिए कक्षा तीसरी से पोस्ट ग्रेजुएशन तक शिक्षा पर विशेष बल दिया जाएंगे। डिजिटल शिक्षा के लिए आगामी सत्र से दसवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को टेबलेट दिए जाएंगे। इसके अलावा स्कूल एवं कालेज स्तर पर ऐच्छिक कोष बनाने पर विचार किया जा रहा है ताकि इन शिक्षण संस्थाओं में आवश्यकतानुसार कुछ समय के लिए मैनपावर को लगाया जा सके।
इस साल हरियाणा सरकार ने पांचवीं और आठवीं कक्षाओं की बोर्ड की परीक्षाएं नहीं लेने का निर्णय लिया है। इसलिए विद्यार्थियों का बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकरण करना अनिवार्य नहीं है।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विदेश की मांग अनुसार युवाओं को व्यवसाय प्रशिक्षण के लिए चिह्नित किया जाएगा। विदेशी भाषा में प्रशिक्षण भी देंगे जिससे विदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने स्कूली शिक्षा, उच्चतर शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में कार्य कर रहे निजी एवं सरकारी संस्थानों के प्रबुद्ध प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुझाव लिए। बजट पेश किए जाने तक सुझाव लिखित में भी भेजे जा सकते हैं। अच्छे सुझावों को बजट में शामिल किया जाएगा।
इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद, डा. महावीर सिंह और आनंद मोहन शरण, प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी उमाशंकर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव एवं सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डा. अमित अग्रवाल ने भी अहम सुझाव दिए।












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