दिल्ली सरकार दिव्यांगजनों को देगी मोटर चालित तिपहिया वाहन, जानिए पत्रता के मानदंड
दिव्यांगजनों के लिए दिल्ली सरकार मोटर चालित तिपहिया वाहन देने जा रही है। इसकी पात्रता के लिए विकलांगता के अलावा कई अन्य पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं।

दिल्ली सरकार (Delhi Government) दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए उनके आवागमन को आसान बनाएगी। सीएम अरविंद केजरीवाल की अगुआई में मंगलवार को दिल्ली कैबिनेट ने 'सुगम्य सहायक योजना' को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत समाज कल्याण विभाग की ओर से पात्र दिव्यांगजनों को मोटर से चलने वाले तिपहिया वाहन दिए जाएंगे। इसके अलावा ऐसे लोगों को स्मार्ट छड़ी, कान की मशीन, व्हीलचेयर भी उपलब्ध कराएगा। दिव्यांगजनों को ये उपकरण मुहैया कराने के लिए एजेंसी के साथ 5 साल के लिए करार किया जाएगा और समाज कल्याण विभाग विभिन्न इलाकों में कैंप लगाकर दिव्यांगजनों में इन उपकरणों को बांटेगा। इस तरह के उपकरणों की उपलब्धता दिव्यांगजनों की गतिशीलता को बढ़ावा देगी और उन्हें कहीं पर भी आने-जाने में होने वाली समस्याओं से निपटने में मदद करेगी। इन उपकरणों की मदद से दिव्यांगजनों को शिक्षा और रोजगार पाने की उनकी क्षमताओं को भी बढ़ाया जा सकेगा।
योजना के तहत पात्रता और मानदंड
- आवेदक 40 फीसद या उससे अधिक विकलांग होना चाहिए। इसके लिए विकलांगता प्रमाण पत्र या दिव्यांगजनों के अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के अनुसार अधिकृत चिकित्सा संस्थान द्वारा जारी यूडीआईडी कार्ड मान्य होगा।
- आवेदक को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का निवासी होना चाहिए।
- परिवार की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय 8 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- आवेदक को पिछले 3 वर्षों के दौरान किसी अन्य राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेश, केंद्र सरकार या अन्य किसी स्रोत से सामान्य या अन्य योजना का लाभ न मिला हो।
- लेकिन 12 साल से कम उम्र के बच्चों को व्हीलचेयर, मोटर से चलने वाले तिपहिया वाहन को छोड़कर अन्य उपकरण प्राप्त करने के लिए कोई सीमा नहीं लगाई गई है।












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