दिल्ली: वार्डों के परिसीमन के विरोध में आम आदमी पार्टी, चुनाव आयोग को सौंपी आपत्तियां
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली में वार्डों के परिसीमन के बारे में प्रारंभिक सुझाव और आपत्तियां बृहस्पतिवार को परिसीमन आयोग को सौंपीं।आप ने वार्डों के बंटवारे को अतार्किक होने का आरोप है।आप के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कुछ वार्डों की आबादी 35 हजार तो कुछ वार्डों में 93 हजार से अधिक है, यह प्रक्रिया राजनीति से प्रेरित है।

इसके साथ ही आप ने एमसीडी चुनाव जल्द से जल्द कराने की मांग भी की है। चुनाव आयोग को आपत्तियां सौंपने वालों में आप मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज, एमसीडी प्रभारी दुर्गेश पाठक और चेयरमैन आदिल अहमद खान शामिल थे।राज्य चुनाव आयोग ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के विधायक को स्थानीय पदाधिकारियों के साथ परिसीमन मसौदा रिपोर्ट पर चर्चा करने और अपनी टिप्पणियों और आपत्तियों को तैयार करने के लिए कहा है।
ऐसे में आम आदमी पार्टी के विधायकों ने आज दिल्ली में वार्डों के परिसीमन के बारे में प्रारंभिक सुझाव और आपत्तियां परिसीमन आयोग को सौंपी है। इसके अनुसार दिल्ली में वार्डों की संख्या 272 से घटाकर 250 करने के एकल आदेश के साथ परिसीमन समिति का गठन किया गया था।
आप ने कहा है कि समिति को 22 वार्डों को कम करने की आवश्यकता थी और इसका एकमात्र सही तरीका उन विधानसभा क्षेत्रों की पहचान करना था, जिनमें चार से लेकर सात वार्ड थे।उस विधानसभा क्षेत्र के शेष वार्डों में वहां की आबादी को समान रूप से वितरित करके उनमें से प्रत्येक में एक वार्ड कम करना था।
आप का आरोप है कि विधानसभा क्षेत्रों में वार्डों की संख्या बदले बिना अधिकांश विधानसभा क्षेत्रों के अधिकांश वार्डों को डिस्टर्ब किया गया है, तो यह प्रक्रिया स्पष्ट रूप से राजनीति से प्रेरित है।परिसीमन समिति ने मनमाने ढंग से वार्डों की सीमाएं बदल दी हैं।
अब कुछ वार्डों की आबादी 35 हजार से कम है, जबकि कुछ वार्डों में 93 हजार से अधिक लोग रह रहे हैं ,ऐसे में यह प्रक्रिया तर्कहीन है।आप के अनुसार राज्य चुनाव आयोग की ओर से 2011 की जनगणना के जनसंख्या आंकड़ों को परिसीमन के लिए बेंचमार्क के रूप में लिया गया है।












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