सीएम योगी ने यूपी के हर जिले में गठित की पर्यटन एवं संस्कृति परिषद, टूरिज्म पर फोकस
सीएम योगी ने यूपी के हर जिले में गठित की पर्यटन एवं संस्कृति परिषद, टूरिज्म पर फोकस
लखनऊ, 25 सितंबर: सांस्कृतिक राष्ट्रवाद तो भाजपा के एजेंडे में उसकी स्थापना के समय से है, लेकिन प्रदेश में सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देना शुरू किया। पहले कार्यकाल में अयोध्या, काशी और मथुरा सहित सभी धर्मनगरियों में नए कार्यक्रम शुरू किए गए। स्थलों का कायाकल्प किया गया। अब दूसरे कार्यकाल के छह माह में भी योगी सरकार सांस्कृतिक पर्यटन की पताका को और ऊंचा उठाती नजर आई।

यूपी में एक जिला एक पर्यटन केंद्र विकसित करने पर सरकार का फोकस
- योगी सरकार के पर्यटन विकास की प्राथमिकताओं में अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, नैमिषारण्य के साथ ही अन्य मत-पंथों के धार्मिक स्थल रहे हैं।
- सभी जगह विकास कराया जा रहा है। उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2018 के तहत 2,209 करोड़ रुपये का निवेश आया और 80 हजार लोगों को रोजगार मिला।
- मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्द्धन योजना के तहत 105 और राज्य सेक्टर पर्यटन विकास की 77 परियोजनाएं पूरी कराई जा चुकी हैं।
- दूसरे कार्यकाल में अपने प्रयासों को गति देते हुए सरकार ने हरिद्वार में 100 कक्षों के आधुनिक सुविधायुक्त भव्य भगीरथी अतिथि गृह का लोकर्पण किया।
- आजादी का अमृत महोत्सव मनाते हुए प्रदेश के सभी जिलों में स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित 75 पुस्तकों का प्रकाशन कराया गया।
- वाराणसी, कुशीनगर, श्रावस्ती और संकिसा में बुद्धिस्ट कान्क्लेव का आयोजन किया गया। जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद का गठन अनूठी पहल है।
- वाराणसी एवं मगहर में कबीर फेस्टिवल का आयोजन और मगहर में संत कबीर अकादमी के विभिन्न भवनों का लोकार्पण कर कबीरपंथियों को सकारात्मक संदेश दिया।
- ग्लोबल इनसाइक्लोपीडिया आफ रामायण के तहत 10 ग्रंथ व श्री गौतम बुद्ध चरित्र ग्रंथ का प्रकाशन कराया गया।
- उत्तर प्रदेश के जैन तीर्थंकरों पर भी पुस्तिकाएं योगी सरकार ने प्रकाशित कराई हैं। वहीं, महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर झांसी में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
बुंदेलखंड को पर्यटन विकास का बड़ा उपहार
इन्हीं छह माह में सरकार ने बुंदेलखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने जीर्णशीर्ण हो चुके ऐतिहासिक महत्व के 31 किलों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही पर्यटन विभाग ने इनके संरक्षण की रूपरेखा तैयार वहां पर्यटन केंद्र बनाने की योजना पर काम भी शुरू कर दिया है।












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