CM Hemant Soren: सरहुल पूजा महोत्सव में शामिल हुए सीएम हेमंत सोरेन, मांदर भी बजाया
सरहुल प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने और आदिवासियों और प्रकृति के बीच सह-अस्तित्व का त्योहार है। इस दिन पाहन सरना स्थानों में पूजा करते हैं।

पूरे प्रदेश में आदिवासियों का महापर्व सरहुल बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस मौके पर राजधानी रांची के अलग-अलग सरनास्थलों सहित स्कूल-कॉलेजों में सरहुल महापर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। आदिवासी छात्र-छात्राएं पारंपरिक लिबास में सजे-धजे नाच-गा रहे हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी आदिवासी कॉलेज छात्रावास के सरहुल पूजा महोत्सव में शामिल हुए।
आदिवासी कॉलेज छात्रावास में हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आदिवासी कॉलेज छात्रावास के सरहुल पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए। उनके साथ उनका परिवार भी था। यहां, छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने यहां पाहन के साथ पूजा-अर्चना की और राज्य की खुशहाली की कामना की। वहीं, राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग में आयोजित सरहुल पूजा महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
मनुष्य और प्रकृति के बीच सह-अस्तित्व का पर्व
गौरतलब है कि आदिवासियों और प्रकृति के बीच सह-अस्तित्व एवं प्रकति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का त्याहोर है सरहुल। इस दिन पाहन सरना स्थलों में पूजा-अर्चना करते हैं। दुनिया के रचयिता सहित ग्राम देवता एवं प्रकृति की पूजा की जाती है। शुक्रवार को मोरहाबादी स्थित हातमा मौजा में पूजा-अर्चना की गई। आज शोभायात्रा भी निकाली जा रही है जो हातमा मौजा से सिरमटोली सरनास्थल तक जाएगी।












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