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CM भूपेश ने भाजपा को गिनाए MSP के आंकड़ें बोलेः UPA के 9 साल में 134% बढ़ी एमएसपी

दो दिन पहले भी मुख्यमंत्री ने किसानों के मुद्दे पर सवाल उठाया था। उन्होंने लिखा - भाजपा सरकार मतलब किसानों पर प्रहार।

bhupesh baghel

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय बजट को सर्वसमावेशी बताने वाली भाजपा को आंकड़ों पर घेरा है। इस बार किसानों की आय बढ़ाने के दावों को लेकर है। मुख्यमंत्री ने कहा, आंकड़े दिखाते हैं किसान विरोधी भाजपा की नीयत। इससे भाजपा के कथित रूप से किसान हितैषी होने का दावा खोखला सिद्ध हो जाता है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली। लिखा - आंकड़े जो दिखाते हैं "किसान विरोधी भाजपा' की नीयत। यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान वित्तीय वर्ष 2004-05 से 2013-14 के दौरान 9 वर्षों में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 560 रुपया प्रति क्विंटल से बढ़ाकर एक हजार 310 प्रति क्विंटल किया गया। यह वृद्धि लगभग 134 प्रतिशत होती है। दूसरी ओर भाजपा की केन्द्र सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2022-23 तक 9 वर्षों में धान के समर्थन मूल्य में सिर्फ 730 रुपए की वृद्धि कर 2 हजार 40 प्रति क्विंटल (सिर्फ 55 प्रतिशत) वृद्धि, निर्धारित किया गया। जिससे भाजपा के कथित रूप से किसान हितैषी होने का दावा खोखला सिद्ध हो जाता है।

दो दिन पहले भी मुख्यमंत्री ने किसानों के मुद्दे पर सवाल उठाया था। उन्होंने लिखा - भाजपा सरकार मतलब किसानों पर प्रहार। 2014 में केंद्र में भाजपा सरकार बनते ही किसानों को MSP के अतिरिक्त बोनस या अन्य राशि देने पर प्रतिबंध लगाया। दबाव में 2017 में बोनस का निर्णय लिया किंतु राज्य में 2018 में कांग्रेस सरकार बनते ही केंद्र द्वारा बोनस पर पुनः प्रतिबंध लगाया। देश में किसी भी भाजपा शासित राज्य में किसानों को कोई अतिरिक्त लाभ नहीं दिया जा रहा है। स्पष्ट है कि भाजपा के सत्ता में रहते तक किसानों का भला संभव नहीं।

मनरेगा पर केंद्र सरकार को घेरा था

एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने मनरेगा की बजट कटौती के आंकड़ों पर केंद्र सरकार को घेरा था। उन्होंने लिखा- मजदूरों से छीन रहा रोजगार "अमृतकाल' में ये कैसा प्रहार। मनरेगा के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 में 73 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया था जिसे कम करके 60हजार करोड़ क्यों किया गया? जबकि 1 अप्रैल 2022 से मज़दूरी दरों में वृद्धि भी की गयी है और विगत वर्ष का 14 हजार करोड़ से अधिक का भुगतान लंबित है। मुख्यमंत्री ने लिखा, यह तय है कि इस वर्ष कम मानव दिवस सृजित होंगे।

आर्थिक विकास के मोर्चे पर भी घेरा था

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दो फरवरी को आर्थिक विकास के मोर्चे पर भी केंद्र सरकार को घेरा था। उन्होंने लिखा - आंकड़ों पर नजर डालिए तो पता चल जाएगा दरअसल अमृतकाल में देश में कथित ऐतिहासिक विकास का दावा असत्य है। वास्तविकता यह है कि UPA के 10 वर्ष के कार्यकाल में GDP की औसत वार्षिक वृद्धि दर NDA के विगत 9 साल के कार्यकाल की तुलना में अधिक रही है।

केंद्रीय बजट को मृत तक बताया था

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीन फरवरी को एक पोस्ट में केंद्रीय बजट को अमृतकाल का मृत बजट बताया था। उन्होंने लिखा- अमृत बजट को समझने के लिए कुछ तथ्य आपके साथ साझा कर रहा हूं। यह केंद्रीय बजट 2023-24 किसान, मजदूर, निम्न वर्ग के लिए सिर्फ निराशा का एक और बूस्टर डोज है।

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