पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों को लगेंगे विकास के पंख, जानें क्या है योगी सरकार की योजना?
उत्तर प्रदेश में विकास की गति को तेज करने के लिए राज्य सरकार पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में परिवहन नगर, आर्थिक क्षेत्र और हरित क्षेत्र आरक्षित करेगी। इसके लिए राज्य सरकार इन शहरों को विकास के लिए 50 करोड़ रुपये देगी। वहीं, इसके लिए विकास प्राधिकरणों को मास्टर प्लान में पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों को चिन्हित करना होगा।
ऐसा कहा जा रहा है कि इस योजना को लागू किए जाने के बाद जिन जनपदों की आबादी 5 लाख से अधिक है उनका विकास भी तेजी से होगा। मास्टर प्लान में शामिल होने के बाद कॉर्पोरेट क्षेत्र के कार्यालय बनेंगे इसके अलावा कई अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

हालाँकि, आर्थिक क्षेत्र में छोटे पैमाने के उद्योगों, वाणिज्यिक गतिविधियों के साथ-साथ कॉर्पोरेट क्षेत्र के कार्यालयों के लिए स्थान आरक्षित किया जाएगा। हरित बुनियादी ढांचे के साथ-साथ पारगमन-उन्मुख विकास के लिए भी स्थानों की पहचान की जाएगी।
आपको बता दें कि फिलहाल राज्य में 19 शहर ऐसे हैं जिनकी आबादी पांच लाख से ज्यादा है। वहीं, ये 19 शहर जिनकी आबादी पांच लाख से ज्यादा है वो हैं लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, कानपुर, मेरठ, गाजियाबाद, गोरखपुर, मोरादाबाद, बरेली, अलीगढ़, मुजफ्फरपुर, झांसी, रामपुर, फिरोजाबाद-शिकोहाबाद, मथुरा- वृंदावन हापुड-पिलखुआ, सहारनपुर और शाहजहाँपुर।
अपर मुख्य सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण ने संबंधित विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्षों को पत्र भेजकर कहा कि फिलहाल मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। आइए जानते हैं कौन से शहर होंगे रिजर्व। एक लाख की आबादी पर 40 बसों की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। आर्थिक क्षेत्र में श्रमिक स्टेशनों के लिए स्थान और दैनिक बाजारों के लिए स्थान आरक्षित किया जाएगा।












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