जेल में बंद कैदियों को नए साल का बड़ा गिफ्ट, छत्तीसगढ़ सरकार ने लिया बड़ा फैसला
छत्तीसगढ़ में नया साल जेल में बंद कैदियों के लिए गिफ्ट लेकर आया है। राज्य में 42 कैदियों को जेल से रिहा करने के लिए राज्यपाल (Chhattisgarh Governor) ने अपनी सहमति जताई है।

रायपुर, 1 जनवरीः छत्तीसगढ़ में नया साल जेल में बंद कैदियों के लिए गिफ्ट लेकर आया है। राज्य में 42 कैदियों को जेल से रिहा करने के लिए राज्यपाल (Chhattisgarh Governor) ने अपनी सहमति जताई है। 26 जनवरी को इन कैदियों को जेल रिहा कर दिया जाएगा। इन कैदियों को सजा खत्म होने से पहले जेल से रिहा किया जाएगा। आजादी की 75वीं वर्षगांठ के खास अवसर पर सरकार ने फैसला किया है। दरअसल देश में आजादी की 75 वीं वर्षगांठ को अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इस अमृतकाल को कार्यक्रमों की श्रृंखला के रूप में मनाया जाना प्रस्तावित है।
इसी कड़ी में एक विशेष पहल के तहत केन्द्र सरकार ने जेल में बंद कैदियों की कुछ श्रेणियों को विशेष माफी देने और 26 जनवरी 2023 और 15 अगस्त 2023 को उन्हें रिहा करना प्रस्तावित किया गया है। इसलिए छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके ने छत्तीसगढ़ में 42 कैदियों को रिहा करने के फैसले का अनुमोदन किया है।
42 कैदियों को छोड़ने का फैसला
बता दें कि आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर राज्य के 42 सजा पाने वाले कैदियों को 26 जनवरी 2023 गणतंत्र दिवस के मौके पर रिहा करने के प्रस्ताव का राजभवन ने अनुमोदन कर दिया है। रिहा होने वाले बंदियों में दो ऐसी महिला बंदी शामिल हैं, जो 50 वर्ष से अधिक आयु की हैं और अपने कुल सजा अवधि का 50 प्रतिशत सजा भुगत चुकी हैं।
राज्यपाल ले सकती हैं फैसला
गौरतलब है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 161 के अनुसार किसी विधि के विरूद्ध, किसी अपराध के लिए सिद्धदोष ठहराये गये, किसी व्यक्ति के दंड को क्षमा, उसका टालमटोल, विराम या परिहार करने की और दंडादेश के निलम्बन, परिहार या लघुकरण की शक्ति राज्यपाल में निहित होती है। इसके अलावा आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर कुछ विशेष कैदियों को रिहा करने का उद्देश्य जेल में अनुशासन है। इससे अपराधी अपराध का त्याग करेंगे और उन्हें देश का जिम्मेदार नागरिक बनने का प्रोत्साहन मिलेगा।












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