छत्तीसगढ़ सरकार की गोधन न्याय योजना, सीएम भूपेश का गृह जनपद सबसे आगे
छत्तीसगढ़ सरकार की गोधन न्याय योजना का सर्वाधिक लाभ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के गृह जिले दुर्ग के किसानों ने उठाया है।

छत्तीसगढ़ में गोबर अब कचरा या गंदगी नहीं, बल्कि कमाई का जरिया बन चुका है। राज्य सरकार की गोधन न्याय योजना का सर्वाधिक लाभ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के गृह जिले दुर्ग के किसानों ने उठाया है। प्रदेश में डेढ़ हजार से अधिक किसान ऐसे हैं, जिन्होंने गोबर बेचकर एक वर्ष में एक लाख रुपये से अधिक कमाया है। 20 जुलाई 2020 से फरवरी 2023 तक दुर्ग के 25,713 किसानों ने गोबर बेचा है। सबसे कम गोबर बेचने वाला जिला नारायणपुर है। यहां 3,164 किसानों ने गोबर बेचा है। गोबर बेचकर किसी ने पढ़ाई के लिए लैपटाप खरीदे, किसी ने खेतीबाड़ी के लिए पैसे जुटाए हैं तो किसी ने जमीन खरीदने का सपना पूरा किया।
सरकार ने अब तक खरीदा 107.75 लाख क्विंटल
राज्य में गोधन न्याय योजना की शुरुआत 20 जुलाई 2020 हरेली पर्व से हुई थी। इस योजना के तहत गोठानों में 28 फरवरी 2023 तक 107.75 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी हुई है, जिसके एवज में 20 फरवरी 2023 की स्थिति में हितग्राहियों को 412.19 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। बीते एक साल में इस योजना का लाभ उठाने वाले पशुपालक ग्रामीणों की संख्या 2.08 लाख से बढ़कर 3.30 लाख से अधिक हो गई है। यह वृद्धि 58 प्रतिशत है।
छत्तीसगढ़ कृषि उत्पादन आयुक्त डा. कमलप्रीत ने कहा, प्रदेश में गोबर बेचकर एक लाख से अधिक कमाई करने वाले किसानों की संख्या बढ़ रही है। लोगों में गोधन न्याय योजना के प्रति जागरुकता बढ़ी है।
केस 01
गोबर बेचकर सब्जी की खेती
सिहावा विधानसभा के ग्राम बेलरगांव के किसान सुरेश साहू सांकरा ने एक लाख 60 हजार रुपये का गोबर बेचा। इस पैसे से खेत में चार एकड़ जमीन पर ड्रिप लगाया और सब्जी की खेती कर रहे हैं।
केस 02
चरवाहे ने खरीदी जमीन
धमतरी के ग्राम पोटियाडीह के 61 वर्षीय चरवाहे मोहित ने एक लाख 10 हजार रुपये का गोबर बेचकर उस राशि से अपने जमीन खरीदने के सपने को पूरा कर लिया। अब उनकी खुद की जमीन हो गई है।
केस 03
बच्चों की पढ़ाई के लिए खरीदा लैपटाप
दुर्ग जिले के पाटन ब्लाक के सेलूद गांव में रहने वाले किसान रमेश कश्यप ने गोधन न्याय योजना के तहत गोबर बेचकर पैसे कमाए और इससेे बच्चों के लिए लैपटाप खरीदा।












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