पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाकर जनता को लूट रही केंद्र सरकार: केटी रामाराव
केटीआर ने कहा कि 2013 में जब कच्चे तेल के एक बैरल की कीमत 110 डॉलर थी, तो एक लीटर पेट्रोल की कीमत 76 रुपये थी। अब, जब कच्चे तेल के एक बैरल की कीमत 66 डॉलर है, तो एक लीटर पेट्रोल की कीमत 110 रुपये है।

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने गुरुवार को ईंधन की आसमान छूती कीमतों के लिए भाजपा नीत केंद्र सरकार से माफी की मांग की। केटी रामाराव ने 'ईंधन की बढ़ी कीमतों का आम आदमी पर बोझ' डालने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए एक खुले पत्र में कहा कि केंद्र अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों को ईंधन की कीमतों में वृद्धि का कारण बताकर जनता को लूट रहा है।
केटीआर ने कहा कि 2013 में, जब कच्चे तेल के एक बैरल की कीमत 110 डॉलर थी, तो एक लीटर पेट्रोल की कीमत 76 रुपये थी। अब, जब कच्चे तेल के एक बैरल की कीमत 66 डॉलर है, तो एक लीटर पेट्रोल की कीमत 110 रुपये है।
केटीआर ने कहा कि केंद्र सिर्फ कुछ कॉरपोरेट्स को फायदा पहुंचाने के लिए कीमतें बढ़ाकर गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को लूट रहा है। केटी रामाराव ने कही कि 2014 से ईंधन की कीमतों में 45 फीसदी की बढ़ोतरी के कारण सभी आवश्यक वस्तुएं महंगी हो गई हैं। केटीआर ने यह भी कहा कि डीजल की कीमतों में वृद्धि के कारण राज्य सरकारों को सार्वजनिक परिवहन शुल्क बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा है और केंद्र सरकार की वजह से सार्वजनिक परिवहन प्रणाली संकट के कगार पर है।
उन्होंने कहा किकेंद्र सरकार की विफलताओं के कारण मुद्रास्फीति भी 45 साल के उच्चतम स्तर पर है। साथ ही केटीआर ने हैरानी जताते हुए कहा कि हालांकि केंद्र रूस से कम कीमत पर कच्चा तेल आयात करने के बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन आम आदमी को समान लाभ नहीं दिया जाता है और केवल दो तेल कंपनियां भारी मुनाफा कमा रही हैं।












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