बेरोजगारों को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम हरियाणा में शुरू, हस्तकला में निपुण कलाकार देंगे प्रशिक्षण
चंडीगढ़। हस्तकला में निपुण अब बेरोजगारों को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाएंगे। इस योजना के तहत समाज के पांच अनुभवी व्यक्तियों को 100 परिवारों के ऊपर सारथी लगाया जाएगा। वे इन परिवारों के लिए सारथी बनकर उन्हें आगे बढ़ाने का काम करेंगे। ये लोग यह देखरेख भी करेंगे कि यह परिवार काम कर रहे हैं या नहीं। इस योजना के तहत प्रदेश के 15 लाख परिवारों को एक लाख 80 हजार की वार्षिक आमदनी से आगे बढ़ाने के लिए काम किया जाएगा।

प्रदेश में हर परिवार का उत्थान हो, कोई भी परिवार गरीब न रहे, इसके लिए केंद्र व प्रदेश सरकार कार्य कर रही है। सरकार का मुख्य उद्देश्य बीपीएल की संख्या कम करके एपीएल की संख्या को बढ़ाना है। समाज में सभी की भावना ये होनी चाहिए कि जो लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उनका अंत्योदय कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाए। अभी तक केंद्र व राज्यों सरकार की योजनाओं का केवल बखान ही होता था लेकिन इन योजनाओं का लाभ उन लोगों को नहीं मिलता था जिनके लिए ये योजनाएं बनाई गई थीं। जिससे गरीब अधिक गरीब व अमीर अधिक अमीर होता जा रहा था। यह खाई बढ़ती जा रही थी। इस खाई को कम करने के लिए अंत्योदय मेले आयोजित किए जा रहे है।
परिवार पहचान पत्र योजना के तहत समाज के सभी परिवारों का सर्वे कराया गया और परिवारों के बारे में सभी डाटा एकत्रित किया गया कि परिवारों की जरूरतें और आमदनी क्या है। इस योजना के तहत सबसे पहले सबसे कमजोर लोगों की पहचान की गई है तथा अभी तक हरियाणा में ऐसे 11 लाख परिवार पहचान में आए हैं, जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम है। जो संपन्न परिवार हैं और समाजसेवा के लिए आगे आकर काम करना चाहते हैं, ऐसे लोगों को भी प्रोत्साहित कर समाज सेवा के लिये प्रेरित किया जाएगा।
सांसद नायब सिंह सैनी ने बताया कि सरकार चाहती है कि समाज में कोई गरीब ना रहे। प्रदेश सरकार बीपीएल परिवारों के नाम पर केंद्र से पैसा मांगती है और बीपीएल परिवारों की संख्या बढ़ाकर दिखाती हैं। यदि समाज में बीपीएल परिवार बढ़ेंगे तो यह सरकार की कमी है। यदि सरकार बीपीएल परिवारों की संख्या को कम करके एपीएल परिवारों की संख्या बढ़ेगी तो यह सरकार की जीत है। इस योजना के तहत सरकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक संस्था व कंपनियां भी आगे आई है।












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