टिकटों के लिए कई गुटों में बंटे बीआरएस कार्यकर्ता, एक दूसरे के खिलाफ प्रचार में जुटे नेता
कई निर्वाचन क्षेत्रों में सत्तारूढ़ बीआरएस को केवल टिकट चाहने वालों द्वारा एक-दूसरे को पछाड़ने के खेल के कारण हार का खतरा है। पार्टी के भीतर विभाजन इतना गहरा हो गया है कि नेता समानांतर पार्टी कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। जिसके परिणामस्वरूप कार्यकर्ता अलग-अलग गुटों में बंट गए हैं।
राज्य भर के निर्वाचन क्षेत्र बीआरएस के लिए चिंता का विषय बन गए हैं, क्योंकि एमएलसी, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष और निगम अध्यक्ष टिकट के लिए संघर्ष करते दिख रहे हैं। यह जटिल परिदृश्य पार्टी के लिए सिरदर्द बन गया है।

बीआरएस का गढ़ थाना घनपुर इस समय गहरी गुटबाजी में घिरा हुआ है। मौजूदा विधायक राजैया और एमएलसी कदियम श्रीहरि के बीच जमकर बयानबाजी हो रही है। दोनों नेता टिकट पर अपना दावा जताते हुए सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे की आलोचना करते दिख रहे हैं।
पूर्ववर्ती वारंगल जिले के भूपलपल्ली में भी इसी तरह का सत्ता संघर्ष सामने आ रहा है। विधायक गांद्रा वेंकटरमण रेड्डी और एमएलसी मधुसूदन चारी के नेतृत्व वाले गुटों में वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। दोनों समूहों के कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने नेताओं के लिए टिकट सुरक्षित करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की पहल की है।
पूर्व वारंगल जिले में स्थित जनगांव निर्वाचन क्षेत्र भी इसी तरह की स्थिति का सामना कर रहा है। एमएलसी पोचमपल्ली श्रीनिवास रेड्डी ने हाल ही में निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने का संकेत दिया है, जिससे विधायक मुथिरेड्डी यादगिरी रेड्डी के गुट के भीतर दरार पैदा हो गई है।












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