आंध्र प्रदेश: गंटूर पश्चिमी विधानसभा सीट पर YSRC और TDP की नजर, दोनों पार्टियों के प्रयास तेज
आंध्र प्रदेश चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ वाईएसआरसी और टीडीपी दोनों अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इस बीच सत्तारूढ़ वाईएसआरसी और विपक्षी टीडीपी दोनों आगामी चुनावों में गुंटूर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र जीतने पर नजर गड़ाए हुए हैं। दोनों पार्टियों ने लोगों तक पहुंचने के अपने प्रयास तेज कर दिए हैं।
गुंटूर पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र में अधिकांश मतदाता कम्मा, कापू और बीसी समुदायों से हैं। यह विधानसभा सीट लंबे समय तक किसी भी पार्टी का गढ़ नहीं रहा। कांग्रेस और टीडीपी दोनों ने इस पर समान पकड़ हासिल कर ली है।

वाईएसआरसी पिछले दो विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का वोट बैंक हासिल करने में सफल नहीं हो पाई थी। मामूली अंतर से टीडीपी से सीट हार गई थी। इसलिए, वाईएसआरसी आगामी चुनावों में गुंटूर पश्चिम क्षेत्र जीतने के लिए प्रतिबद्ध है। मौजूदा टीडीपी विधायक मद्दली गिरिधर ने वाईएस जगन मोहन रेड्डी सरकार के गठन के तुरंत बाद वाईएसआरसी में चले गए थे।
वाईएसआरसी से टिकट पाने की उम्मीद में गिरिधर स्थानीय नेताओं लैला अप्पी रेड्डी और चंद्रगिरी येसुरत्नम के साथ पार्टी के आउटरीच कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। 2014 और 2019 में चुनाव हार गए और बाद में एमएलसी बन गए। पूर्व विधायक मोदुगुला वेणुगोपाला रेड्डी का वाईएसआरसी में शामिल होना टीडीपी के लिए बड़ा झटका है।
उनके दलबदल के बाद, टीडीपी नेतृत्व ने जीएमसी पार्षद के नानी को निर्वाचन क्षेत्र का पार्टी प्रभारी नियुक्त किया था। लेकिन इसका कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला है। इस बीच वाईएसआरसी ने 2021 में गुंटूर नगर निगम चुनाव में 57 में से 44 डिवीजन जीतकर ताकत हासिल की थी। टीडीपी को सिर्फ नौ डिवीजन मिले थे। 2019 के चुनावों में जन सेना पार्टी के उम्मीदवार थोटा चंद्रशेखर ने कुल मतदान का 15 प्रतिशत वोट हासिल किया था।
यह भी पढ़ें- आंध्र प्रदेश: चंद्रबाबू नायडू को मिली बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने कौशल विकास मामले में दी नियमित जमानत












Click it and Unblock the Notifications