आंध्र प्रदेश: वैन से राशन वितरण बन गया मजाक, विरोधियों के निशाने पर आई जगन मोहन सरकार
घर-घर राशन सामग्री पहुंचाने के वादे को पूरा किए बिना राशन वितरण प्रणाली में आमूल-चूल परिवर्तन करके जगन मोहन सरकार विरोधियों के निशाने पर आ गए हैं। राशन वैन से सामान वितरण मजाक बन गया है। इसको लेकर सरकार की आलोचना की जा रही है।
मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने पिछले चुनाव के दौरान हर महीने घर-घर राशन पहुंचाने का जो वादा किया था, उसे अब तक लागू नहीं किया गया है। अब गाड़ी से राशन पहुंचाया जा रहा है, लेकिन इसको लेकर लोगों को बहुत दिक्कत होने लगी है। लोग इससे पहले हर महीने राशन की दुकान पर जाते थे और जब भी संभव होता सामान ले लेते थे। अब ऐसा करने का कोई विकल्प नहीं है।

राशन की गाड़ी जब आएगी तब लोगों को राशन मिलेगा। अगर कोई इससे चूक जाता है, तो उन्हें यह पता लगाना होता है कि राशन वैन किस गली में है और वहां जाना है। यदि लोग किसी कारणवश चार-पांच दिनों तक राशन नहीं ले पाते हैं, तो फिर उन्हें उस महीने का राशन नहीं मिलेगा। जनता को चार या पांच दिन तक वैन के माध्यम से राशन नहीं मिल पाता है तो उस माह का राशन नहीं मिलेगा।
लोगों को अब राशन के लिए सड़क पर लाइन लगानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि मोबाइल डिस्पेंसिंग यूनिट (एमडीयू) गाड़ी कब आएगी, यह कोई नहीं जानता। कभी भी आ जाती है। लोग उस टाइम घर पर नहीं रहते हैं तो उन्हें राशन नहीं मिलता है। कामकाजी लोग काम छोड़कर घर पर रहे तभी राशन मिल सकता है।
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