आंध्र प्रदेश: अनंतपुर में आंतरिक कलह से जूझ रही टीडीपी, पार्टी की बढ़ी परेशानी
आंध्र प्रदेश के पूर्ववर्ती जिले अनंतपुर में तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। ताजा हालात को देखें तो अनंतपुर के अधिकांश विधानसभा क्षेत्रों में आंतरिक कलह टीडीपी नेतृत्व के लिए सिरदर्द बन गई है।
इसका सीधा असर आगामी चुनावों में टीडीपी के उम्मीदवारों की जीत की संभावनाओं पर भी पड़ सकता है। बीके पार्थसारथी और एस सविता गुट हाल ही में टीडीपी की चैतन्य रथ यात्रा के दौरान पेनुकोंडा विधानसभा क्षेत्र में खुलकर गुटबाजी में शामिल थे।

वहीं, पूर्व मंत्री निम्माला किस्तप्पा गुट भी पेनुकोंडा में दो गुटों के साथ जोर-आजमाइश कर रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच ये अंदरूनी कलह चिंता का कारण बन गई है, जिससे पार्टी कैडर भी संकट में है। साथ ही ऐसे समय में टीडीपी की छवि को भी नुकसान पहुंच रहा है, जब विधानसभा चुनाव तेजी से नजदीक आ रहे हैं।
एक राजनीतिक विश्लेषक का मानना है कि ज्यादातर टीडीपी नेता विभिन्न मोर्चों पर वाईएसआरसी सरकार की विफलताओं को उजागर करके जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के बजाय, टिकट हासिल करने के बारे में ज्यादा परेशान हैं। पुट्टपर्थी में पूर्व मंत्री पल्ले रघुनाथ रेड्डी को चैतन्य रथ यात्रा के दौरान टीडीपी कैडर से कोई समर्थन नहीं मिला। इसके अलावा, टीडीपी महासचिव नारा लोकेश ने भी युवा गलम यात्रा के दौरान उनसे दूरी बना ली।
धर्मावरम में, पूर्व विधायक वरदापुरम सूर्यनारायण के भाजपा में चले जाने के बाद टीडीपी नेतृत्व ने हाल ही में परिताला श्री राम को इस विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी बनाया है। श्री राम एक गैर-स्थानीय नेता हैं, इसलिए उनकी उम्मीदवारी का विरोध, टीडीपी कैडर में बढ़ रहा है।
वहीं, कापू और बलिजा समुदायों के नेताओं ने खुले तौर पर वैकुंठम प्रभाकर चौधरी को अपना असहयोग घोषित कर दिया है। वैकुंठम प्रभाकर चौधरी के अनंतपुर शहरी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने की संभावना है।












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