CM Yogi Birthday: 22 की उम्र में संन्यास, अब कितने साल के हुए योगी? PM का 'बुलडोजर बाबा' को बड़ा संदेश
CM Yogi Adityanath 54th Birthday: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश की राजनीति में हिंदुत्व के सबसे बड़े चेहरों में से एक योगी आदित्यनाथ का आज (शुक्रवार, 5 जून) 54वां जन्मदिन है। गोरखनाथ मंदिर की दहलीज लांघकर देश के सबसे बड़े सूबे की कमान संभालने वाले योगी आदित्यनाथ ने अपने कड़े फैसलों और आक्रामक तेवरों से देश की सियासत में एक अमिट छाप छोड़ी है। गोरक्षपीठ के कठिन प्रबंधन की जिम्मेदारी को निभाते हुए प्रदेश के विकास में रोड़ा बनने वाले माफिया के मंसूबों को बुलडोजर से ध्वस्त कर उन्होंने विकास की राह में आने वाली बाधाओं के चक्रव्यूह को पूरी तरह तोड़ दिया है।
आइए जानतें हैं सीएम योगी के जन्मदिन पर किसने और क्या बधाई संदेश भेजे हैं। इसके साथ ही हम आपको बताएंगे कि उत्तराखंड के एक छोटे से गांव से निकला अजय सिंह बिष्ट नाम का युवक कैसे 'बुलडोजर बाबा' और उत्तर प्रदेश की राजनीति का 'चाणक्य' बन गया।

देश के दिग्गज नेताओं ने दी बधाई: किसने क्या कहा?
सीएम योगी के जन्मदिन के खास मौके पर देश भर के कई प्रमुख नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें ढेरों शुभकामनाएं दी हैं।
PM नरेंद्र मोदी ने UP के विकास और सुशासन को सराहा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 54वें जन्मदिन के विशेष अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर बधाई दी है। पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश की प्रगति के लिए सीएम योगी द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बधाई संदेश में लिखा, 'उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। राज्य की प्रगति की दिशा में उनका कार्य सराहनीय है। उन्होंने हमेशा लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और चौतरफा विकास सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया है। उनके लंबे और स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं।'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया 'लोकप्रिय व कर्मठ'
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय एवं कर्मठ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने सुशासन, सुरक्षा, विकास एवं जनकल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। उनके दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप आज उत्तर प्रदेश प्रगति और समृद्धि के पथ पर तेज गति से अग्रसर है। ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और जनसेवा के लिए निरंतर ऊर्जा और शक्ति प्रदान करें।'
BSP सुप्रीमो मायावती ने दीं शुभकामनाएं
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी एक्स पर पोस्ट कर बधाई दी। उन्होंने लिखा, 'उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता योगी आदित्यनाथ जी को आज उनके जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं उनके स्वस्थ्य जीवन व दीर्घायु होने की भी शुभकामनायें।'
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की उत्तम स्वास्थ्य की कामना
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सीएम योगी को बधाई देते हुए लिखा, 'उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और मंगलमय जीवन की प्रार्थना करता हूं।'
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी का संदेश
भूपेंद्र चौधरी ने सीएम योगी के नेतृत्व की सराहना करते हुए लिखा, 'ओजस्वी वक्ता, कुशल नेतृत्वकर्ता, कर्मशील व्यक्तित्व के धनी एवं उत्तर प्रदेश को प्रगति के पथ पर ले जाने को निरंतर प्रयत्नशील, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ जननेता व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं असीम शुभकामनाएं। आपके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश उत्तम शासन, निवेश, आधारभूत संरचना एवं जनकल्याण के क्षेत्र में निरंतर नई उपलब्धियां अर्जित की हैं।'
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने दी बधाई
नीतीश कुमार: 'उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं सुदीर्घ जीवन की कामना है।'
केशव प्रसाद मौर्य: 'उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आपको जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम जी से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना करता हूं।'
अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी भेजे बधाई संदेश
- हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी: 'उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आपके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।'
- राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा: 'आपके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निरंतर विकास, सुशासन एवं समृद्धि के नए आयाम स्थापित करता रहे, यही शुभेच्छा है। प्रभु श्रीराम से आपके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।'
अजय सिंह बिष्ट से 'योगी आदित्यनाथ' बनने का सफर
5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के पंचूर गांव में एक गढ़वाली राजपूत परिवार में जन्मे अजय सिंह बिष्ट (अब योगी आदित्यनाथ) के पिता का नाम स्वर्गीय आनंद सिंह बिष्ट और माता का नाम सावित्री देवी है। सात भाई-बहनों में पांचवें नंबर के अजय सिंह बिष्ट ने श्रीनगर के गढ़वाल विश्वविद्यालय से गणित में बीएससी (B.Sc) की पढ़ाई पूरी की।
22 साल की उम्र में सांसारिक मोह-माया का त्याग
साल 1993 में जब वे गणित में एमएससी (M.Sc) की पढ़ाई कर रहे थे, तभी उनका रुख गोरखपुर की तरफ हुआ। गोरखनाथ मंदिर में प्रवास के दौरान वे ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के संपर्क में आए। मात्र 22 साल की उम्र में 15 फरवरी 1994 को उन्होंने सांसारिक जीवन को त्याग कर दीक्षा ले ली और अजय सिंह बिष्ट से 'योगी आदित्यनाथ' बन गए।
26 साल की उम्र में सबसे युवा सांसद
साल 1996 में उन्होंने महंत अवेद्यनाथ के लोकसभा चुनाव का संचालन संभाला। उनकी कूटनीति और मेहनत को देखते हुए 1998 में गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित कर लोकसभा का टिकट दे दिया। महज 26 साल की उम्र में चुनाव जीतकर वे देश के सबसे कम उम्र के सांसद बने और राजनीति के गलियारे में अपनी धमक दर्ज कराई।
पचरुखिया कांड और आक्रामक तेवर: जेल से लेकर 'हिंदू युवा वाहिनी' तक
योगी आदित्यनाथ की पहचान हमेशा से एक उग्र और प्रखर राष्ट्रवादी नेता के रूप में रही है। 10 फरवरी 1999 को महराजगंज के पचरुखिया में हुए कांड ने उन्हें देश की मीडिया की सुर्खियों में ला दिया। इसके बाद से उनका विवादों से भी नाता रहा। उन पर सांप्रदायिक भाषण देने के आरोप लगे और गोरखपुर दंगे के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा।
लेकिन इन तमाम झंझावातों के बावजूद योगी डिगे नहीं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों को ही अपनी ताकत बनाया और 'हिंदू युवा वाहिनी' व 'बजरंग दल' जैसे संगठनों को मजबूत कर पूर्वांचल में हिंदुत्व और विकास की नई अलख जगाई।
जब BJP लीडरशिप को दिखाए बागी तेवर
साल 2007 के विधानसभा चुनाव और 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान जब भाजपा के भीतर उथल-पुथल मची थी, तब योगी आदित्यनाथ ने अपने बागी तेवर दिखाए। उन्होंने हिंदू युवा वाहिनी से अलग प्रत्याशी उतारने तक का ऐलान कर दिया था। आखिरकार भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को पूर्वांचल में योगी के सियासी कद का लोहा मानना पड़ा और इसका फायदा आगे चलकर पार्टी को मिला।
लगातार 5 बार सांसद का रिकॉर्ड
योगी आदित्यनाथ के नाम 42 वर्ष की उम्र में लगातार 5 बार (1998, 1999, 2004, 2009, 2014) सांसद बनने का रिकॉर्ड है। उनके बारे में कहा जाता है कि वे रात को 11 बजे जनसभा करके लौटते हैं और सुबह पौने तीन बजे योग-साधना के लिए बिस्तर छोड़ देते हैं।
3 बजे सुबह से शुरू होती है कठिन दिनचर्या
उनकी दिनचर्या सुबह 3 बजे से शुरू होती है, जिसमें योग, पूजा-पाठ, गो-सेवा और जनता दरबार शामिल हैं। मंदिर में वो एक शांत सन्यासी होते हैं, लेकिन मंदिर की दहलीज लांघते ही वे एक आक्रामक राजयोगी की भूमिका में आ जाते हैं।
2017 से 2026: 'योगी 1.0' से 'योगी 2.0' का दमदार सफर
साल 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद भाजपा ने 19 मार्च 2017 को उत्तर प्रदेश की कमान योगी आदित्यनाथ के हाथों में सौंपी। अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए 'बुलडोजर नीति' अपनाई, जिसने अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए।
दोबारा सत्ता में वापसी और 'गेम चेंजर' की भूमिका
पांच साल के सफल कार्यकाल के बाद 25 मार्च 2022 को उन्होंने पूर्ण बहुमत के साथ दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वे खुद गोरखपुर शहर विधानसभा सीट से रिकॉर्ड मतों से जीतकर पहली बार विधायक बने। योगी 2.0 के सफल 4 साल पूरे होने के बाद आज यूपी की तस्वीर बदल चुकी है। बिजली, पानी, सड़क, रोजगार और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर उन्होंने जनता का दिल जीता है।
आज योगी आदित्यनाथ सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पश्चिम बंगाल से लेकर देश के अन्य राज्यों के चुनावों में वे भाजपा के सबसे बड़े 'स्टार प्रचारक' और 'गेम चेंजर' बनकर उभरते हैं। यही वजह है कि आज देश की जनता उन्हें भविष्य के एक कुशल और प्रधानमंत्री स्तर के राजनेता के रूप में देख रही है।
















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