आंध्र प्रदेश: जनता तक पहुंचने के लिए टीडीपी ने की 'सधिकारा सारधी' की घोषणा
टीडीपी सुप्रीमो एन चंद्रबाबू नायडू ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि प्रत्येक सधिकारा सारधी 30 परिवारों को कवर करेगी। हर विधानसभा क्षेत्र में हर घर के लिए न्याय दिलाने के प्रयास के तहत एक सधिकारा सारधी विंग होगी।

आगामी विधानसभा चुनावों की अपनी तैयारियों के तहत प्रमुख राजनीतिक दल अपने जन संपर्क कार्यक्रमों को इस तरह से डिजाइन कर रहे हैं कि हर घर तक उनकी सीधी पहुंच हो। इस कड़ी में प्रदेश में सरकार चला रही वाईएसआरसीपी 'गृह सारधालु' का कॉन्सेप्ट लेकर पहले ही आ चुकी है। अब इसका मुकाबला करने के लिए विपक्षी पार्टी टीडीपी ने 'सधिकारा सारधी' को लॉन्च किया है।
टीडीपी सुप्रीमो एन चंद्रबाबू नायडू ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि प्रत्येक सधिकारा सारधी 30 परिवारों को कवर करेगी। हर विधानसभा क्षेत्र में हर घर के लिए न्याय दिलाने के प्रयास के तहत एक सधिकारा सारधी विंग होगी। सूत्रों के मुताबिक, टीडीपी नेतृत्व ने राज्य में सभी लोगों तक पहुंचने और मुसीबत में पड़े लोगों के साथ मजबूती से खड़े होने के लिए सधिकारा सारधी को नियुक्त करने का फैसला किया है।
इस कार्यक्रम के तहत सभी अनुभाग प्रभारी 'पारिवारिक सशक्तिकरण अधिकारी' कहलायेंगे और जहां आवश्यकता होगी, वे आवश्यक नियुक्तियां भी करेंगे। यदि टीडीपी सत्ता में वापस आती है, तो अधिकारी यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे कि सरकार की कल्याणकारी पहल उनके अधिकार क्षेत्र में सभी पात्र लोगों तक पहुंचे। टीडीपी ने पहले ही प्रत्येक 25,000 मतदाताओं के लिए एक क्लस्टर प्रभारी नियुक्त किया है। प्रत्येक 5000 मतदाताओं पर एक इकाई प्रभारी होगा।
अधिकारी ना केवल लोगों को समय-समय पर टीडीपी के फैसलों बल्कि इसके भविष्य के कार्यक्रमों के बारे में अपडेट करेंगे। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए 2,500 से 3,000 अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे और उनमें से 50% महिलाएं होंगी।
ये अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उनकी समस्याओं को जानने और डिजिटल प्रारूप में जानकारी एकत्र करने के लिए घर-घर जाएंगे। इसके अलावा, वे सरकार की जनविरोधी नीतियों को उजागर करेंगे। साथ ही उन लोगों की मदद करेंगे जो जमीनी स्तर पर पार्टी की रणनीति बनाएंगे और घोषणापत्र तैयार करेंगे।












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