आंध्र प्रदेश का निजामपट्टनम एक्वा पार्क किसानों के लिए साबित होगा वरदान, खर्च होंगे 186 करोड़
आंध्र प्रदेश सरकार 186 करोड़ रुपये की लागत से 280 एकड़ में इकाई स्थापित करेगी। इससे यहां Ryots को काफी लाभ होने वाला है।
Nizampatnam aqua park: आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में किसानों को लाभ पहु्ंचाने के लिए सरकार बड़े प्रोजेक्ट पर कार्य करने जा रही है। जिसको लेकर बापटला जिले के जलीय कृषि करने वाले किसान उत्साहित हैं। तटीय जिले में इस योजना से रेपल्ले, निजामपट्टनम, बापटला, कार्लापलेम, चिराला, वेतापलेम, चिनगंजम, नगरम और भट्टीप्रोलू समेत कुल 21,400 एकड़ में फैली आबादी इससे लाभांवित होगी।
दरअसल, दुनिया के 52 से अधिक देशों में झींगा मछलियों का निर्यात होता है। यहां के जलीय किसानों को विभिन्न प्रकार की मछलियां और झींगा के उत्पादन के लिए काफी भटकते हैं। उन्हें इसके लिए तमिलनाडु के चेन्नई, पांडिचेरी, रामेश्वरम और रामनाथपुरम तक जाना पड़ता है। लेकिन अब निजामपट्टनम में एक्वा पार्क स्थापित होने के किसानों को निवेश में कम लागत आएगा।

निजामपट्टनम के एक्वा पार्क को लेकर चाइनागंजम के एक जल किसान एम प्रवीण ने कहा कि इससे गुणवत्तापूर्ण मछली और झींगा की तलाश में अन्य राज्यों की यात्रा करने की परेशानी से बचा जा सकेगा। प्रसंस्करण इकाइयों से उन्हें अच्छी उपज वाली मछलियों की वेराइटी प्राप्त होगी।
निजामपट्टनम के एक्वा पार्क की का आधारशिला मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने मई में रखी थी। अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और जलीय जंतुओं के लिए हैचरी स्थापित की जाएंगी। यह भी पता चला कि किसानों को जलीय कृषि में इस्तेमाल होने वाली नवीनतम तकनीक के बारे में शिक्षित करने के लिए एक ज्ञान केंद्र स्थापित किया जाएगा।
वर्तमान में जिले में 16 हैचरी होने के बावजूद बापटला में जलीय किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार, एक्वा पार्क एक साथ क्षेत्र में परिवहन, आर्थिक और पर्यटन क्षेत्रों के विकास में योगदान देगा और 1,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान करेगा। एक्वा पार्क की स्थापना के साथ अधिकारियों को उम्मीद है कि निकट भविष्य में एक्वा खेती में 10,000 एकड़ की वृद्धि होगी।












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