आंध्र प्रदेश: विकेंद्रीकरण के खिलाफ साजिश रच रहे नायडू: सज्जला रामकृष्ण
सज्जला रामकृष्ण ने कहा 'चंद्रबाबू नायडू ने कहा था कि अमरावती में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की जरूरत है, लेकिन वह एक लाख करोड़ रुपये कहां से लाएंगे।

वाईएसआरसी के महासचिव सज्जला रामकृष्ण रेड्डी ने राज्य में प्रशासन के विकेंद्रीकरण के खिलाफ साजिश रचने के लिए टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू की आलोचना की। शुक्रवार को मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नायडू ने अमरावती के विकास के लिए कुछ नहीं किया।
सज्जला रामकृष्ण ने कहा, 'चंद्रबाबू नायडू ने कहा था कि अमरावती में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की जरूरत है, लेकिन वह एक लाख करोड़ रुपये कहां से लाएंगे। मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी का दृढ़ विश्वास है कि विकेंद्रीकरण के माध्यम से ही राज्य का विकास संभव है। हम जानना चाहते हैं कि टीडीपी प्रमुख नायडू विकेंद्रीकरण के खिलाफ क्यों हैं। मैं वामपंथी दलों से भी सवाल करता हूं कि वे सामंती और कॉर्पोरेट संस्थाओं का समर्थन क्यों कर रहे हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'आज, अमरावती आंदोलन कुछ रियल्टर्स और नायडू के बेनामियों द्वारा उठाया जा रहा है। अमरावती से अरसाविल्ली पदयात्रा के अचानक समाप्त होने से यह स्पष्ट रूप से सिद्ध हो गया था। एक संगठित तरीके से 200 से 500 लोगों के साथ न केवल 1,200 दिन बल्कि एक लाख दिन भी पूरे कर सकते थे। नायडू के नेतृत्व में आज यही हो रहा है।'
सज्जला रामकृष्ण ने बताया कि टीडीपी शासन के दौरान, करकट्टा सड़क भी पूरी नहीं हुई थी और जगन के मुख्यमंत्री बनने के बाद ही इसे पूरा किया गया था। उन्होंने आगे कहा, 'नायडू चाहते हैं कि अमरावती को एटीएम के रूप में इस्तेमाल किया जाए, जैसा कि उन्होंने पोलावरम परियोजना के साथ किया था। चूंकि उनका सपना चूर-चूर हो गया, इसलिए वो कुछ जमींदारों का सहारा लेकर राजनीतिक लाभ के लिए बनावटी आंदोलन चला रहे हैं।'












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