Andhra: पवन कल्याण की टीडीपी चीफ एनसी नायडू मुलाकात के क्या हैं मायने? जानिए
तेलंगाना विधानसभा चुनाव में बीजेपी के साथ चुनाव लड़ने वाली पार्टी जनसेना ने अब आंध्र प्रदेश के लिए अलग गठबंधन की राह पकड़ी है। हैदराबाद में तेलगु देशम पार्टी के चीफ व पूर्व सीएम एन चंद्रबाबू नायडू से जनसेना पार्टी प्रमुख पवन कल्याण की मुलाकात बेहद अहम मानी जा रही है। कुछ पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक इससे पहले पवन कल्याण बीजेपी के साथ टीडीपी के गठबंधन पर जोर दे रहे थे, लेकिन दोनों दलों के बीच फिलहाल कोई नजदीकी नहीं दिखी। ऐसे में पवन और एनसी नायडू के बीच हैदराबाद में हुई मुलाकात को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में जनसेना और टीडीपी के संयुक्त घोषणापत्र को अंतिम रूप देने, सीट बंटवारे और आंध्र प्रदेश में मतदाता सूची में अनियमितताओं का मुकाबला करने के कदमों पर चर्चा संभव है।
हालांकि पवन कल्याण और एनसी नायडू के बीच क्या बातचीत हुई इसको लेकर स्थिति साफ नहीं है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि उन्होंने संयुक्त घोषणापत्र को अंतिम रूप देने, सीट बंटवारे और आंध्र प्रदेश में मतदाता सूची में अनियमितताओं का मुकाबला करने के कदमों पर भी चर्चा की होगी। दोनों नेता इससे पहले 4 नवंबर को मिले थे। इस दौरान वाईएसआरसी सरकार की जन-विरोधी नीतियों को उजागर करने के लिए संयुक्त रूप से विभिन्न कार्यक्रम करने के अलावा, एपी में चुनावों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बार-बार मिलने का फैसला किया।

टीडीपी के सूत्रों की की मानें तो नायडू और पवन कल्याण ने सत्तारूढ़ वाईएसआरसी नेताओं के 'भ्रष्टाचार' को उजागर करने के अलावा, विभिन्न मोर्चों पर वाईएसआरसी सरकार की विफलताओं को उजागर करने को लेकर बात की होगी। सूत्रों का मानना है, "चूंकि चुनाव बहुत दूर नहीं हैं, इसलिए दोनों पार्टियों के लिए सीटों पर स्पष्टता हासिल करना बेहतर होगा ताकि टिकट के दावेदारों को आश्वासन दिया जा सके।"
दरअसल, टीडीपी और जेएसपी नेताओं ने पहले ही जिला और राज्य स्तर पर आयोजित समन्वय बैठकों में संयुक्त घोषणापत्र से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की थी। जेएसपी द्वारा सुझाए गए मुद्दों को पहले ही संयुक्त घोषणापत्र में शामिल कर लिया गया था, साथ ही इस साल मई में महानाडु में टीडीपी द्वारा किए गए छह वादों को भी शामिल किया गया था। हालांकि, राज्य में चुनाव होने में कमोबेश चार महीने शेष रहते हुए, दोनों दलों के नेतृत्व ने लोगों के बीच जाने के लिए जल्द से जल्द पूर्ण घोषणापत्र तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का फैसला किया है। एपीएसएसडीसी मामले में नायडू की गिरफ्तारी के बाद, पवन कल्याण ने घोषणा की कि उनकी पार्टी आगामी चुनावों में टीडीपी के साथ उतरेगी।












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