Vinayak Chaturthi 2021: इन मंत्रों से कीजिए भगवान गणेश की पूजा, होगी धनवर्षा
नई दिल्ली, 12 अगस्त। सावन मास की विनायक चतुर्थी आज मनाई जा रही है। आज के दिन अगर सच्चे मन से भगवान गणेश की पूजा की जाए तो इंसान की हर इच्छा की पूर्ति होती है। उसके सारे कष्टों का अंत होता है। इंसान को सुख-शांति और वैभव प्राप्त होता है। यही नहीं इंसान अगर आज के दिन खास मंत्रों से गणेश जी की पूजा करे तो उसे धन की प्राप्ति होती है।

इन मंत्रों से कीजिए प्रभु श्री गणेश की पूजा
- ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात।।
- ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरू गणेश।
- ग्लौम गणपति, ऋदि्ध पति, सिदि्ध पति। मेरे कर दूर क्लेश।।
- ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा।
- ॐ हस्ति पिशाचि लिखे स्वाहा
- ॐ वक्रतुंडाय हुम्
- ॐ हस्ति पिशाचि लिखे स्वाहा
- गं क्षिप्रप्रसादनाय नम:
- हेरम्ब गणपति का मंत्र
- ॐ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा. रोजगार की प्राप्ति व आर्थिक वृद्धि के इसे जपें
- त्रैलोक्य मोहन गणेश मंत्र
गणेश स्तुति
- ओम सिन्दूर-वर्णं द्वि-भुजं गणेशं लम्बोदरं पद्म-दले निविष्टम्।
- ब्रह्मादि-देवैः परि-सेव्यमानं सिद्धैर्युतं तं प्रणामि देवम्।।
- सृष्ट्यादौ ब्रह्मणा सम्यक् पूजित: फल-सिद्धए।सदैव पार्वती-पुत्र: ऋण-नाशं करोतु मे।।
- त्रिपुरस्य वधात् पूर्वं शम्भुना सम्यगर्चित:। सदैव पार्वती-पुत्र: ऋण-नाशं करोतु मे।।
विनायक चतुर्थी पूजा-विधि
- सबसे पहले स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए।
- इसके बाद भगवान गणेश की पूजा फूल, फल, मिठाई, दूध और मोदक से करनी चाहिए।
- व्रतियों को शाम के समय चतुर्थी व्रत कथा सुननी चाहिए।
- रात के समय चंद्रोदय होने पर गणेश का पूजन करें।
- फिर गणेश की आरती करें और क्षमायाचना के बाद पूजा समाप्त करें।
- उसके बाद चांद को अर्ध्य दें और इसके बाद अपना व्रत खोलें।












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