Surya grahan 2018: सूतक काल में ना करें ये काम वरना होगा नुकसान
नई दिल्ली। 13 जुलाई को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है, यह एक आंशिक सूर्यग्रहण होगा जो कि भारत में दिखाई नहीं देगा, इसे केवल अंटाकर्टिका, तस्मानिया और ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी भाग में देखा जा सकता है। सूर्य ग्रहण शुक्रवार को भारतीय समयानुसार सुबह 7 बजकर 18 मिनट 23 सेकंड से शुरू होगा, जो कि 8 बजकर 13 मिनट 5 सेकंड तक रहेगा लेकिन इसका सूतक आज शाम से ही लग जाएगा क्योंकि माना जाता है कि ग्रहण के 12 घंटे पहले ही सूतक लग जाता है।

रखिए इन बातों का खास ख्याल....
- घरों में लोग ग्रहणकाल में धूप-अगरबत्ती जलाकर रखें , जिससे कि निगेटिव एनर्जी घर से बाहर निकल जाए, तुलसी के पौधे को ना छूए और ना ही सोए।
- ग्रहणकाल में कैंची का प्रयोग न करें, फूलों को न तोड़े, बालों व कपड़ों को साफ न करें, दातुन या ब्रश न करें, गाय, भैंस व बकरी का दोहन न करें।
- भोजन न करें, कठोर शब्दों का प्रयोग न करें, सहवास ना करें, यात्रा न करें।
- Surya grahan 2018: अमावस्या के साथ ही लग रहा है सूतक-काल इसलिए जरूर कीजिए ये काम...

तुलसी के पौधे को नहीं छूना चाहिए...
- मूर्ति पूजा ना करें, मानसिक जाप करें।
- तुलसी के पौधे को नहीं छूना चाहिए।
- इस दौरान भगवान का ध्यान करें और मंत्रों का मानसिक पाठ करें।

कुशा या तुलसी पत्र
ग्रहण प्रारंभ होने के पूर्व खाने-पीने की वस्तुएं जैसे पके भोजन, दूध, दही, घी, मक्खन, अचार, पीने के पानी, तेल आदि में कुशा या तुलसी पत्र डाल देना चाहिए। इससे ये दूषित नहीं होते।

सूर्य ग्रहण कब होता है...
विज्ञान की दृष्टि से जब सूर्य व पृथ्वी के बीच में चन्द्रमा आ जाता है तो चन्द्रमा के पीछे सूर्य का बिम्ब कुछ समय के लिए ढक जाता है, उसी घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। पृथ्वी सूरज की परिक्रमा करती है और चांद पृथ्वी की। कभी-कभी चाँद, सूरज और धरती के बीच आ जाता है। फिर वह सूरज की कुछ या सारी रोशनी रोक लेता है जिससे धरती पर साया फैल जाता है। इस घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। यह घटना अमावस्या को ही होती है।












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