जिसे टिकट नहीं मिला, उसने पर्चा भर दिया, महाराष्ट्र MLC चुनाव में महायुति और MVA के लिए बागी बने सिरदर्द

Maharashtra MLC Elections 2026: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। उम्मीदवारों की घोषणा के बाद सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महाविकास अघाड़ी दोनों गठबंधनों में असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। कई नेताओं ने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ बगावती तेवर दिखाते हुए नामांकन पत्र दाखिल कर दिए हैं।

सबसे अधिक परेशानी महायुति को झेलनी पड़ रही है, जहां कई सीटों पर पार्टी कार्यकर्ता और नेता टिकट वितरण से नाराज होकर मैदान में उतर गए हैं। अब दोनों गठबंधनों का नेतृत्व बागियों को मनाने और नामांकन वापस लेने के लिए प्रयास तेज कर रहा है।

Maharashtra MLC Elections

रायगढ़ से संभाजीनगर तक महायुति में बगावत

महायुति में सबसे चर्चित बगावत रायगढ़ सीट पर देखने को मिली है। यहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अनिकेत तटकरे को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद महेंद्र दळवी की बेटी जुईली दळवी ने बगावती रुख अपनाते हुए नामांकन दाखिल कर दिया।

वहीं संभाजीनगर-जालना निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा ने सुहास शिरसाठ को उम्मीदवार बनाया है, लेकिन शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार के बेटे समीर सत्तार ने भी नामांकन भरकर राजनीतिक समीकरणों को जटिल बना दिया है। यवतमाल में शिवसेना ने दुष्यंत चतुर्वेदी को मैदान में उतारा है, लेकिन भाजपा के नितिन भुतडा और राष्ट्रवादी कांग्रेस के साजिद बेग ने भी दावेदारी पेश कर दी है।

पुणे, अमरावती और नाशिक में भी बढ़ी मुश्किलें

पुणे में राष्ट्रवादी कांग्रेस के विक्रम काकड़े को टिकट मिलने के बाद भाजपा नेता प्रदीप कंद ने चुनौती खड़ी कर दी है। अमरावती में भाजपा के प्रवीण पोटे के खिलाफ शिवसेना के विप्लव बाजोरिया ने नामांकन दाखिल किया है।

नाशिक में शिवसेना के नरेंद्र दराडे को उम्मीदवार घोषित किया गया है, लेकिन निर्दलीय उम्मीदवार गोकुल गिते और गणेश गिते ने भी मैदान में उतरकर मुकाबले को रोचक बना दिया है। गणेश गिते को भाजपा के वरिष्ठ नेता गिरीश महाजन का करीबी माना जाता है।

परभणी, नांदेड और जळगांव में भी असंतोष

परभणी में शिवसेना की उम्मीदवार सईदा खान के खिलाफ राष्ट्रवादी कांग्रेस के विजय जामकर और जिला परिषद सदस्य संग्राम जामकर ने बगावती तेवर दिखाए हैं।

नांदेड में भाजपा ने अमरनाथ राजूरकर को उम्मीदवार बनाया है, लेकिन राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रवीण पाटिल चिखलीकर, जो विधायक चिखलीकर के पुत्र हैं, ने भी नामांकन भर दिया है। जळगांव में भाजपा के नंदकिशोर महाजन को टिकट दिया गया है, जबकि शिवसेना की रेशमा काले और दीपक धांडे ने भी अपनी दावेदारी पेश कर दी है।

महाविकास अघाड़ी भी नहीं बची अंदरूनी कलह से

विपक्षी महाविकास अघाड़ी भी बगावत की समस्या से जूझ रही है। नांदेड में कांग्रेस ने रामदास सुमठाणकर को उम्मीदवार बनाया है, लेकिन माधवगांव जवळकर ने बगावती रुख अपनाकर पार्टी की चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा नागेश अष्टीकर के पुत्र कृष्णा अष्टीकर ने शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) की ओर से नामांकन दाखिल कर दिया है, जिससे गठबंधन के भीतर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।

भंडारा-गोंदिया, सांगली और सोलापुर में भी कई दावेदार

भंडारा-गोंदिया सीट पर कांग्रेस ने प्रफुल्ल अग्रवाल को उम्मीदवार घोषित किया है, लेकिन नरेश ईश्वरकर और दिलीप बनसोड ने भी आवेदन दाखिल कर दिया है, जिससे स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है। सांगली में शरद पवार गुट के बालासाहेब पाटिल ने नामांकन भरा है, जबकि कांग्रेस के संजय मेंढे और मयूर पाटिल भी मैदान में उतर गए हैं।

सोलापुर में कांग्रेस ने आदित्य फत्तेपुरकर को उम्मीदवार बनाया है, लेकिन शरद पवार गुट के वसंत नाना देशमुख और शिवसेना (ठाकरे गुट) के नागेश अक्कलकोटे ने भी बगावत करते हुए अपनी दावेदारी पेश कर दी है।

बागियों को मनाने में जुटा नेतृत्व

इन सभी सीटों पर बढ़ती बगावत ने दोनों गठबंधनों के शीर्ष नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। पार्टी पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता लगातार नाराज नेताओं से संपर्क साध रहे हैं और उन्हें नामांकन वापस लेने के लिए मनाने का प्रयास कर रहे हैं।

एकनाथ शिंदे बोले- 4 जून तक निकालेंगे समाधान

इस बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्वीकार किया है कि महायुति के भीतर कई स्थानों पर बगावत देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि सभी बागी उम्मीदवारों से बातचीत की जाएगी और उन्हें नामांकन वापस लेने के लिए मनाया जाएगा। शिंदे ने कहा, "तोपर्यंत आम्ही सर्वांशी चर्चा करू आणि योग्य तोडगा काढू।" यानी तब तक हम सभी से चर्चा करेंगे और उचित समाधान निकालेंगे।

उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा, "आम्ही ही निवडणूक एकदिलानेच लढवू।" अर्थात महायुति यह चुनाव पूरी एकजुटता के साथ लड़ेगी।

गौरतलब है कि नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 4 जून निर्धारित की गई है। ऐसे में आने वाले कुछ दिन महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि राजनीतिक दल अपने बागी नेताओं को मनाने में कितने सफल होते हैं और चुनावी समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+