Luteri Gang: Lucknow से Delhi-Noida तक आतंक, Dhoom स्टाइल में देते थे चकमा! 7 अरेस्ट, कौन कितना पढ़ा-लिखा?
Lucknow To Delhi Luteri Gang Busted: उत्तर प्रदेश की राजधानी में एक बार फिर अंतरराज्यीय लुटेरों का आतंक सामने आया है। धूम फिल्म की याद दिलाने वाला ये गैंग महंगी स्पोर्ट्स बाइक्स, आर्टिगा कार और बाइकर लुक में घूमता था। छोटी-छोटी वारदातों से शुरू करके बड़े स्तर पर लूटपाट, चेन स्नैचिंग और जानलेवा हमले करता था। दिल्ली-नोएडा-लखनऊ-मेरठ-गाजियाबाद-कानपुर तक इसका नेटवर्क फैला हुआ था। खास बात यह है कि सभी दिल्ली के निवासी, लेकिन आतंक दिल्ली से लखनऊ तक।
शनिवार (30 मई 2026) देर रात कृष्णानगर थाना क्षेत्र के मासनगर में पुलिस और इस गैंग के बीच हुई जोरदार मुठभेड़ हुई। करीब 20 मिनट तक 6 राउंड फायरिंग हुई। जवाबी फायरिंग में सरगना रोहन उर्फ गुड्डू और उसके साथी साहिल के पैर में गोली लगी। दोनों को गिरफ्तार किया गया। उनकी निशानदेही पर रविवार (31 मई) को गैंग के 5 और सदस्यों को दबोचा गया। कुल 7 सदस्य गिरफ्तार। गैंग के खिलाफ 75 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। यह केस सिर्फ एक मुठभेड़ नहीं, बल्कि आधुनिक अपराध की नई शैली और युवाओं का संगठित अपराध में शामिल होना और पुलिस की सतर्कता की कहानी है। Oneindia Hindi से खास बातचीत में एसीपी रजनीश वर्मा ने बताई पूरी क्राइम स्टोरी...

15-20 मिनट चली गोलीबारी, 6 राउंड फायरिंग, दो के पैर पर गोली-दबोचे गए
28 मई 2026 को कृष्णानगर इलाके में आईटीसी कंपनी के सेल्समैन रामबाबू से 25 हजार रुपये के सिगरेट भरे बैग की लूट हुई। कुछ दिन पहले ही एक महिला रानी से सोने की चेन छीनी गई। इन घटनाओं की जांच के लिए एडीसीपी रल्लापल्ली बसंथ कुमार और एसीपी रजनीश वर्मा के नेतृत्व में 4 टीमें गठित की गईं।
वनइंडिया हिंदी से खास बातचीत में एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि टीमों ने 200 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले। संदिग्ध बाइक और आर्टिगा कार को ट्रैक किया गया। 31 मई देर रात कृष्णानगर पुलिस गश्त पर थी। आशाराम बाबू रोड पर दो बाइक सवार संदिग्ध दिखे। रोकने का इशारा किया, तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने खंभे की ओट लेकर जवाबी फायरिंग की। 6 राउंड गोलियां चलीं। दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी।

रोहन उर्फ गुड्डू (23 वर्ष, दिल्ली) और साहिल (21 वर्ष, दिल्ली) को गिरफ्तार कर लोकबंधु अस्पताल ले जाया गया। पूछताछ में दोनों ने गैंग के बाकी सदस्यों के बारे में खुलासा किया। रविवार (31 मई) दोपहर 5 और सदस्यों को अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार किया गया।
गैंग का मॉडस ऑपरेंडी (Gang Modus Operandi): धूम स्टाइल, हाई-टेक चकमा

यह गैंग बेहद स्मार्ट और संगठित तरीके से काम करता था।
- बाइकर लुक: महंगी पल्सर (कीमत 1.41 लाख के करीब) बाइक्स पर बाइकर जैसा पहनावा, हेलमेट, जैकेट।
- नंबर प्लेट छुपाना: बाइक पर सफेद स्प्रे कर नंबर प्लेट छुपा देते।
- रेकी और अटैक: पहले आर्टिगा कार से इलाके की रेकी, टारगेट फिक्स। फिर बाइक से पीछा, बैग/चेन लूटकर भागना। कुछ दूरी पर पहले से तैयार कार में बैठकर फरार।
- मोबाइल फ्री: पहचान छुपाने के लिए मोबाइल लगभग नहीं इस्तेमाल करते। प्लानिंग दिल्ली में रवि की पान की दुकान पर।
- रहने का तरीका: होटल नहीं, ढाबे और सिर्फ सुलभ शौचालय का इस्तेमाल, कभी-कभी झुग्गी-झोपड़ी या सुनसान जगह पर टेंट लगाकर 4-5 घंटे से ज्यादा नहीं रुकते। लखनऊ समेत हर लोकेशन में सिर्फ 6-7 दिन रहकर ऑपरेशन करते।
- रूट: लखनऊ → कानपुर → प्रयागराज → मेरठ → नोएडा → दिल्ली। रैंडम घूमना।
- वारदात के बाद: बाइक सुनसान जगह छोड़कर कार में सवार हो जाना।
गैंग ने पीजीआई, आशियाना, सुशांत गोल्फ सिटी, कृष्णानगर समेत कई इलाकों में वारदातें कीं। नोएडा उनके लिए हॉटस्पॉट था।
गिरफ्तार 7 सदस्यों की क्राइम कुंडली और बैकग्राउंड

1. रोहन उर्फ गुड्डू (सरगना)
- उम्र: 23 वर्ष, दिल्ली (आंबेडकर नगर, मदरासी मंदिर)
- शिक्षा: 8वीं पास
- व्यवसाय: फास्ट फूड ठेला
- आपराधिक इतिहास: 25+ मुकदमे (नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, मुजफ्फरनगर)। चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट, 304(2) आदि। गैंग का ब्रेन और लीडर।
2. साहिल
- उम्र: 21 वर्ष, दिल्ली (मदनगिरी)
- शिक्षा: अनपढ़
- व्यवसाय: कपड़े की फेरी
- इतिहास: कई चोरी, आर्म्स एक्ट के केस (उन्नाव, नोएडा, लखनऊ)।
3. रवि चौरसिया
- उम्र: 29 वर्ष, दिल्ली (जेजे कॉलोनी, खानपुर)
- शिक्षा: 12वीं पास
- व्यवसाय: कॉल सेंटर में ड्राइवर + दिल्ली में सिगरेट की दुकान
- खास: गैंग की प्लानिंग पॉइंट का मालिक।
4. सुमित (गुरुस्वामी)
- उम्र: 23 वर्ष, उत्तरी दिल्ली (इंद्रपुरी)
- शिक्षा: अनपढ़
- व्यवसाय: बैटरी ई-रिक्शा चालक
5. अरुण उर्फ बुवन
- उम्र: 24 वर्ष, दिल्ली (मदनगिरी)
- शिक्षा: अनपढ़
- व्यवसाय: मोबाइल/बाइक मैकेनिक
6. सुमित उर्फ लेफ्टी
- उम्र: 22 वर्ष, दिल्ली (मदनगिरी)
- शिक्षा: अनपढ़
- व्यवसाय: रैपिडो चालक
7. समीर उर्फ अनुराग
- उम्र: 24 वर्ष, दिल्ली (मदनगिरी)
- शिक्षा: अनपढ़
- व्यवसाय: ई-रिक्शा चालक
नोट: यह गैंग लूट के अलावा जानलेवा हमले भी करता था। कई केस में 304(2) (गैर इरादतन हत्या) और आर्म्स एक्ट शामिल हैं। गैंग के अधिकांश सदस्य अनपढ़ या बहुत कम पढ़े-लिखे हैं। फिर भी वे संगठित तरीके से काम कर रहे थे। यह दिखाता है कि आधुनिक अपराध में शिक्षा से ज्यादा स्ट्रीट स्मार्टनेस और नेटवर्किंग मायने रखती है।
क्या-क्या हुआ बरामद?

- 2 तमंचे (.315 बोर)
- कारतूस और खोखे
- 2 पल्सर बाइक्स
- 1 आर्टिगा कार
- सोने की चेन
- 138 पैकेट सिगरेट
- 27,400 रुपये नकद
- काला बैग और अन्य सामान
पुलिस की ताकत: CCTV और टीम वर्क

लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की दक्षिणी जोन टीम ने शानदार काम किया। 200+ CCTV चेकिंग, मैनुअल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, तेज पूछताछ। एसीपी रजनीश वर्मा और उनकी टीम ने रात के अंधेरे में मुठभेड़ का खतरा उठाया। पुलिस उपायुक्त अमित कुमार आनंद के मुताबिक, गैंग को गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। अन्य जिलों में उनकी वारदातों की जांच जारी है।
UP पुलिस का जीरो टॉलरेंस
योगी सरकार में अपराधियों के खिलाफ एनकाउंटर और तेज कार्रवाई की परंपरा है। इस केस में 48-72 घंटे के अंदर गैंग का भंडाफोड़ पुलिस की क्षमता को दिखाता है। बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।
लुटेरी गैंग का पर्दाफाश एक बड़ी सफलता है, लेकिन यह चेतावनी भी है। दिल्ली-एनसीआर से आने वाले ऐसे गैंगों पर नजर रखनी होगी। युवाओं को स्किल ट्रेनिंग और रोजगार देकर अपराध की ओर जाने से रोकना होगा। साथ ही आम नागरिकों को भी सतर्क रहना चाहिए, सुनसान जगहों पर सावधानी बरतें, महंगे सामान खुलेआम न दिखाएं। लखनऊ पुलिस ने साबित कर दिया कि अपराधी चाहे जितना स्मार्ट हो, कानून की नजर से बचना मुश्किल है। सभी 7 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। कोर्ट में पेशी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम। गैंग के अन्य सदस्यों और छिपे माल की तलाश में छापेमारी जारी।













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