Sun Shani Shukra Yuti: 30 साल बाद होने वाली है सूर्य शनि शुक्र की युति, इन तीन राशियों का चमकेगा भाग्य
Sun Shani Shukra Yuti: ग्रहों का परिवर्तन तो ब्रह्मांड में होता है लेकिन उसका असर राशियों पर दिखता है इसलिए ज्योतिष विज्ञान में ग्रहों की चाल पर पैनी नजर रखी जाती है। इस साल शनिदेव बहुत सारी राशियों के लिए शुभ होने जा रहे हैं, सबसे खास बात ये है कि इस वर्ष पूरे 30 साल बाद सूर्य शनि और शुक्र ग्रह की युति होने जा रही है।
जिसकी वजह से तीन राशियों की तो लॉटरी लगने वाली है। आपको बता दें कि सूर्य शनि और शुक्र ग्रह की युति मीन राशि में मार्च माह में होगी, जिसके कारण सभी राशियों को कुछ ना कुछ मिलेगा लेकिन धनु, कर्क और मीन की तो जैसे किस्मत ही खुलने वाली है।

इन तीनों राशियों को आर्थिक लाभ तो मिलेगा ही, साथ ही पद-प्रतिष्ठा की भी प्राप्ति होगी। समझ लीजिए इन तीनों को अपनी मेहनत का फल इस साल मिलने वाला है और इन तीनों राशियों के लोग दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करने वाले हैं।
क्या होती है युति? क्या है इसके पीछे का कारण? (Sun Shani Shukra Yuti)
जब दो या अधिक ग्रह एक ही राशि में स्थित होते हैं तो वो स्थिति युति कहलाती है। सूर्य, शनि और शुक्र ग्रह की युति अत्यंत रोचक और प्रभावशाली होगी। सूर्य ऊर्जा का प्रतीक है तो वहीं शनि कर्म का और शुक्र प्रेम, सौंदर्य, भौतिक सुख-सुविधाएं और कला का कारक है। इसलिए जब इन तीनों की युति होगी तो निश्चित तौर पर इन तीनों क्षेत्र में ही व्यक्ति का लाभ मिलेगा।
इन्हें जरूर करें (Sun Shani ShukraYuti)
- सूर्य को मजबूत करने के लिए प्रतिदिन सूर्यदेव को अर्घ्य दें।
- शनि के लिए शनिदेव की पूजा करें।
- शनिवार को जरूरतमंदों को काला तिल और सरसों का तेल दान करें।
- शुक्रवार को देवी लक्ष्मी की पूजा करें और चावल या सफेद मिठाई का दान करें।
सूर्य मंत्रों का जाप रोज करें (Sun Shani Shukra Yuti)
- ॐ घृणिं सूर्य्य: आदित्य:
- ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः ।
- ॐ सूर्याय नम: ।
- ॐ घृणि सूर्याय नम: । ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।।
शनिदेव को खुश करने के लिए करें मंत्रों का जाप (Sun Shani Shukra Yuti)
- ॐ शं शनैश्चराय नमः ||
- ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।
- ॐ शं नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये। शं योरभि स्रवन्तु नः॥
शुक्र को सही करने के लिए करें इन मंत्रों का जाप ( Sun Shani Shukra Yuti)
- ऊँ ह्रीं श्रीं शुक्राय नम:
- ऊँ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:
- ऊँ शुं शुक्राय नम:
- ऊँ हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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