Last Monday of 'Sawan' : आज सावन का अंतिम सोमवार और सोम प्रदोष दोनों, जानिए महत्व
Sompradosh Vrat: पवित्र श्रावण मास में 28 अगस्त को सोमप्रदोष का संयोग बना है। इस दिन आयुष्मान और सौभाग्य योग होने से यह दिन अत्यंत विशेष हो गया है। इस दिन की गई भगवान शिव की आराधना पूजा विशेष फलदायी रहेगी और सारी मनोकामनाएं पूरी करने वाली रहेगी।

28 अगस्त 2023 श्रावण शुक्ल द्वादशी के दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा। प्रात: 9:54 तक आयुष्मान योग और उसके बाद सौभाग्य योग प्रारंभ होगा जो अगले दिन प्रात: 6 बजे तक रहेगा। इस प्रकार प्रदोष काल में सौभाग्य योग होने के कारण यह प्रदोष व्रत सौभाग्य तो बढ़ाएगा ही धन सुख समृद्धि में भी वृद्धि करने वाला रहेगा।
संकल्प लेकर करें व्रत पूजा
श्रावण सोम प्रदोष व्रत करने के लिए प्रात: स्नानादि से निवृत होकर व्रत का संकल्प लेकर भगवान शिव का पूजन करें। व्रत रखें और प्रदोषकाल में शिवजी का अभिषेक करें, पंचोपचार पूजन करें, प्रदोष व्रत की कथा सुनें। बिल्वपत्र, धतूरा, आंकड़े के फूल, पांच प्रकार के फल, गन्ना, आदि शिवजी को भेंट करें।
व्रत के लाभ
विशेष योगों में आ रहा यह सोम प्रदोष अत्यंत चमत्कारिक रूप से लाभ देने वाला है। आपके संचित कोष में वृद्धि होगी। धन लाभ होगा, संपत्ति सुख प्राप्त होगा। आयु और सौभाग्य बढ़ाने वाला रहेगा। रोगों से मुक्ति दिलाएगा। इस दिन शिवजी का पूजन करते समय एक बात का विशेष ध्यान रखें, फलों के रस से अभिषेक करने से अत्यंत धन लाभ होगा। शहद से अभिषेक करने से रोग मुक्ति होगी। इस दिन शिवजी का अभिषेक गुलाब के इत्र मिश्रित जल से करने से दांपत्य जीवन सुखद होगा और प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी। शिवजी को सफेद चंदन का त्रिपुंड लगाने से भोग और मोक्ष दोनों की प्राप्ति होगी।
प्रदोष का पंचांग
- द्वादशी तिथि सायं 6:22 तक पश्चात त्रयोदशी
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रात्रि 2:42 तक
- आयुष्मान योग प्रात: 9:54 तक पश्चात सौभाग्य
- प्रदोष काल : सायं 6:48 से रात्रि 9:02 बजे तक












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