Shri Yugal Kishore ki Aarti : यहां पढे़ं बुधवार की आरती, जानें महत्व और लाभ
Shri Yugal Kishore ki Aarti in Hindi: बुधवार का दिन श्री युगल किशोर को समर्पित हैं, जो कि यशोदानंदन ही रूप हैं। युगल किशोर की पूजा करने से इंसान के सारे कष्टों का अंत होता है और उसे सुख-वै की प्राप्ति होती है।
Shri Yugal Kishore ki Aarti : बुधवार का दिन श्री युगल किशोर को समर्पित हैं, जो कि यशोदानंदन ही रूप हैं। इनका सबसे मानक मंदिर वृंदावन में हैं, जिसे कि 1627 में बनाया गया था। केसी घाट के बगल में स्थित होने के कारण इसे केसी घाट मंदिर भी कहा जाता है। आपको बता दें कि केसी घाट पर ही भगवान कृष्ण ने राक्षस केशी का वध किया था। माना जाता है कि युगल किशोर की पूजा करने से इंसान के सारे कष्टों का अंत होता है और उसे सुख-वैभव की प्राप्ति होती है।

आरती युगल किशोर की
- आरती युगलकिशोर की कीजै ।
- तन मन धन न्योछावर कीजै ॥
- गौरश्याम मुख निरखन लीजै ।
- हरि का रूप नयन भरि पीजै ॥
- रवि शशि कोटि बदन की शोभा ।
- ताहि निरखि मेरो मन लोभा ॥
- ओढ़े नील पीत पट सारी ।
- कुंजबिहारी गिरिवरधारी ॥
- फूलन सेज फूल की माला ।
- रत्न सिंहासन बैठे नंदलाला ॥
- कंचन थार कपूर की बाती ।
- हरि आए निर्मल भई छाती ॥
- श्री पुरुषोत्तम गिरिवरधारी ।
- आरती करें सकल नर नारी ॥
- नंदनंदन बृजभान किशोरी ।
- परमानंद स्वामी अविचल जोरी ॥
मंत्र
- कृं कृष्णाय नम:
- श्रीकृष्णाय वयं नुम:
- ॐ देविकानन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात"
- सच्चिदानंदरूपाय विश्वोत्पत्यादिहेतवे।
- तापत्रयविनाशाय श्रीकृष्णाय वयं नुम:।।
- हे नाथ नारायण वासुदेवा।
- भजे व्रजैकमण्डनं समस्तपापखण्डनं, स्वभक्तचित्तरंजनं सदैव नन्दनन्दनम् ।
- सुपिच्छगुच्छमस्तकं सुनादवेणुहस्तकं, अनंगरंगसागरं नमामि कृष्णनागरम् ॥
- मनोजगर्वमोचनं विशाललोललोचनं, विधूतगोपशोचनं नमामि पद्मलोचनम् ।
- करारविन्दभूधरं स्मितावलोकसुन्दरं, महेन्द्रमानदारणं नमामि कृष्ण वारणम् ॥












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