Shivratri 2025: महाशिवरात्रि से पहले भोम प्रदोष आज, इन उपायों से होगी मंगल की शांति
Shivratri 2025: फाल्गुन मास की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाई जाती है और उससे एक दिन पहले यानी कि आज त्रयोदशी के दिन भौम प्रदोष का संयोग बना है, आपको बता दें कि महाशिवरात्रि से पहले बना भौम प्रदोष का संयोग अत्यंत विशिष्ट है।
इस योग में वैसे तो अनेक उपाय किए जाते हैं लेकिन मंगल की शांति के लिए इस दिन विशेष उपाय करना चाहिए। मंगल की शांति होने से जीवन की अनेक परेशानियां, अनेक कष्ट स्वत: दूर हो जाते हैं।

भौम प्रदोष का महत्व (Pradosh vrat)
भौम प्रदोष के दिन व्रत रखकर शिवजी का पूजन किया जाता है। इस दिन प्रात:काल स्नानादि से निवृत्त होने के बाद अपनी दैनिक पूजा करें ओर दाहिने हाथ में जल, पूजा की सुपारी, सिक्का, पुष्प, अक्षत लेकर भौम प्रदोष व्रत का संकल्प लें। किसी भी व्रत को करने से पहले संकल्प अवश्य लेना चाहिए।
यह संकल्प काम्य का निष्काम्य लिया जा सकता है। काम्य अर्थात् किसी कामना की पूर्ति के लिए। इसके बाद दिनभर निराहार रहते हुए सायं को प्रदोष काल में शिवजी का विधिवत पूजन करें। प्रदोष व्रत की कथा सुने या पढ़ें, भोग लगाएं, आरती करें।
भौम प्रदोष के दिन क्या करें (Shivratri 2025)
- महाशिवरात्रि से ठीक एक दिन पूर्व बने भौम प्रदोष के दिन मंगल की शांति के उपाय करने चाहिए। यदि मंगल आपको परेशान कर रहा है। आपकी कुंडली मंगलीक है तो विवाह में भी बाधा आती है।
- मंगल की शांति के लिए आप इस दिन मंगल के सात हजार जाप करें या किसी पंडित से करवाएं। इससे मंगल की शांति होगी और विवाह की बाधा दूर होगी।
- मंगल के कारण आर्थिक संकट भी आता है। मंगल खराब है तो व्यक्ति भयंकर कर्ज में डूब जाता है। इससे बचने के लिए भौम प्रदोष के दिन अपने घर में मंगल यंत्र स्थापित करें। तांबे या पंचधातु में बना मंगल यंत्र श्रेष्ठ होता है। इसे ऊं भौं भौमाय नम: मंत्र से अभिमंत्रित करें और स्थापित करें।
- मंगल की शांति के लिए तांबे का छल्ला अपनी अनामिका अंगुली में धारण करें।
- मंगल अधिक परेशान कर रहा है तो सोने की अंगूठी में लाल मूंगा भी पहना जा सकता है।
- इस दिन नवग्रह हवन करवाने से मंगल सहित समस्त ग्रहों की पीड़ा शांत होती है और लाभ मिलने लगता है।












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