Ekadashi 2025: चाहते हैं सुख-शांति और समृद्धि तो जरूर करें इस चालीसा और आरती का पाठ
Ekadashi 2025 and lord Vishnu Chalisa: आज फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी है। जिसे कि विजया एकादशी या मोक्षदायिनी एकादशी भी कहा जाता है। मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा और नियमपूर्वक एकादशी व्रत करता है, उसे पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
आज का दिन भगवान विष्णु को समर्पित है इसलिए आज के दिन उनकी पूजा खास चालीसा और आरती के साथ करनी चाहिए, ऐसा करने से इंसान को दोगुने फल की प्राप्ति होती है।

भगवान विष्णु चालीसा (lord Vishnu Chalisa)
दोहा
- श्री गणेश गुरू पद कमल, वन्दन करूँ सुभाय।
- सन्त सहाय सदा विष्णु, कृपा करहु मन रॉय॥
चालीसा
- जय जय जय जगपालन हारे। जय सुर नर मुनि सब सुखकारे॥
- जय लक्ष्मीपति व्रत फलदाता। जग के जीवन परम विधाता॥
- चार भुजाधर सुन्दर श्यामा। शंख चक्र गदा पद्म विरामा॥
- गरुड़ वाहिनी वेद प्रणेता। भक्त वत्सल दीन सुखदाता॥
- शेष शय्या सुख सयन बनाते। योग निद्रा में सुख लुटाते॥
- नारद आदि मुनीश्वर गावे। नारायण हरि हरि जस पावे॥
- मधु-कैटभ जब भय उपाया। तब प्रभु इनका नाश कराया॥
- धरणी धारन हेतु नरहरी। प्रकटे दयामय विष्णु मुरारी॥
- शंख चक्र गदा कर धारी। विष्णु विराजे परम उचारी॥
- कृष्ण रूप धरी जग में आए। भक्त के हित गीता गाए॥
- वेदों के तुम हो विदाता। भक्त वत्सल जग के त्राता॥
- जो यह चालीसा गुण गावे। विष्णु धाम निवास वह पावे॥
दोहा
चालीसा पाठ करे जो कोई। विष्णु धाम लहे सुख होई॥
भगवान विष्णु की आरती (lord Vishnu Aarti)
- ॐ जय जगदीश हरे,
- स्वामी जय जगदीश हरे ।
- भक्त जनों के संकट,
- दास जनों के संकट,
- क्षण में दूर करे ॥
- ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥
- जो ध्यावे फल पावे,
- दुःख बिनसे मन का,
- स्वामी दुःख बिनसे मन का ।
- सुख सम्पति घर आवे,
- सुख सम्पति घर आवे,
- कष्ट मिटे तन का ॥
- ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥
- मात पिता तुम मेरे,
- शरण गहूं किसकी,
- स्वामी शरण गहूं मैं किसकी ।
- तुम बिन और न दूजा,
- तुम बिन और न दूजा,
- आस करूं मैं जिसकी ॥
- ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥
- तुम पूरण परमात्मा,
- तुम अन्तर्यामी,
- स्वामी तुम अन्तर्यामी ।
- पारब्रह्म परमेश्वर,
- पारब्रह्म परमेश्वर,
- तुम सब के स्वामी ॥
- ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥
- तुम करुणा के सागर,
- तुम पालनकर्ता,
- स्वामी तुम पालनकर्ता ।
- मैं मूरख फलकामी,
- मैं सेवक तुम स्वामी,
- कृपा करो भर्ता॥
- ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥
- तुम हो एक अगोचर,
- सबके प्राणपति,
- स्वामी सबके प्राणपति ।
- किस विधि मिलूं दयामय,
- किस विधि मिलूं दयामय,
- तुमको मैं कुमति ॥
- ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥
- दीन-बन्धु दुःख-हर्ता,
- ठाकुर तुम मेरे,
- स्वामी रक्षक तुम मेरे ।
- अपने हाथ उठाओ,
- अपने शरण लगाओ,
- द्वार पड़ा तेरे ॥
- ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥
- विषय-विकार मिटाओ,
- पाप हरो देवा,
- स्वमी पाप(कष्ट) हरो देवा ।
- श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,
- श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,
- सन्तन की सेवा ॥
- ॐ जय जगदीश हरे,
- स्वामी जय जगदीश हरे ।
- भक्त जनों के संकट,
- दास जनों के संकट,
- क्षण में दूर करे ॥
भगवान विष्णु चालीसा और आरती का महत्व (Ekadashi 2025)
- भगवान विष्णु की चालीसा और आरती करने से जीवन में आने वाली मुश्किलें दूर होती हैं।
- श्री हरि विष्णु की कृपा से जीवन में सुख-शांति और आर्थिक संपन्नता आती है।
- मानसिक तनाव दूर होता है और मन शांत रहता है।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी चीज को अमल लाने के लिए किसी ज्योतिषी और किसी पंडित से अवश्य बात करें।












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