Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Shiva Chalisa: सोमवार को करें शिव चालीसा का पाठ, हर कष्ट हो जाएगा दूर

Shiva Chalisa: सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है, कहते हैं इस दिन भोलेनाथ की पूजा करने से शिव-शंभू प्रसन्न होते हैं और दोनों हाथों से भक्तों को आशीष प्रदान करते हैं लेकिन क्या कभी आपने सोचा कि आखिर सोमवार को ही शिव जी की पूजा क्यों की जाती है? आपको बता दें कि हिंदू धर्म में सप्ताह के सातों दिन किसी ना किसी भगवान को समर्पित है और इसके पीछे सबके अलग-अलग कारण हैं।

Shiva Chalisa

पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक 'सोम' का अर्थ होता है सौम्यता और चंद्र, भगवान शिव भोले-भाले माने जाते हैं और चंद्रदेव ने सोमवार को ही शिव की अराधना करके अपने लिए सुंदर चित्त का वरदान मांगा था। इसलिए सोमवार का दिन शिव को समर्पित है।

सोमनाथ, भगवान शिव का ही एक नाम है (Shiva Chalisa)

तो वहीं दूसरी ओर कुछ विद्धानों का कहना है कि सोमनाथ, भगवान शिव का ही एक नाम है इसलिए सोमवार का दिन भगवान शंकर के इस नाम को समर्पित है। सोमवार के दिन महादेव के भक्त शिव चालीसा का पाठ करते हैं। ऐसा करने से उन्हें सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

शिव चालीसा ( Shiv Chalisa)

दोहा

  • जय गणेश गिरिजा सुवन,
  • मंगल मूल सुजान।
  • कहत अयोध्यादास तुम,
  • देहु अभय वरदान ॥

चौपाई

  • जय गिरिजा पति दीन दयाला ।
  • सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥
  • भाल चन्द्रमा सोहत नीके ।
  • कानन कुण्डल नागफनी के ॥
  • अंग गौर शिर गंग बहाये ।
  • मुण्डमाल तन क्षार लगाए ॥
  • वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे ।
  • छवि को देखि नाग मन मोहे ॥
  • मैना मातु की हवे दुलारी ।
  • बाम अंग सोहत छवि न्यारी ॥
  • कर त्रिशूल सोहत छवि भारी ।
  • करत सदा शत्रुन क्षयकारी ॥
  • नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे ।
  • सागर मध्य कमल हैं जैसे ॥
  • कार्तिक श्याम और गणराऊ ।
  • या छवि को कहि जात न काऊ ॥
  • देवन जबहीं जाय पुकारा ।
  • तब ही दुख प्रभु आप निवारा ॥
  • किया उपद्रव तारक भारी ।
  • देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी ॥
  • तुरत षडानन आप पठायउ ।
  • लवनिमेष महँ मारि गिरायउ ॥
  • आप जलंधर असुर संहारा ।
  • सुयश तुम्हार विदित संसारा ॥
  • त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई ।
  • सबहिं कृपा कर लीन बचाई ॥
  • किया तपहिं भागीरथ भारी ।
  • पुरब प्रतिज्ञा तासु पुरारी ॥
  • दानिन महँ तुम सम कोउ नाहीं ।
  • सेवक स्तुति करत सदाहीं ॥
  • वेद नाम महिमा तव गाई।
  • अकथ अनादि भेद नहिं पाई ॥
  • प्रकटी उदधि मंथन में ज्वाला ।
  • जरत सुरासुर भए विहाला ॥
  • कीन्ही दया तहं करी सहाई ।
  • नीलकण्ठ तब नाम कहाई ॥
  • पूजन रामचन्द्र जब कीन्हा ।
  • जीत के लंक विभीषण दीन्हा ॥
  • सहस कमल में हो रहे धारी ।
  • कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी ॥
  • एक कमल प्रभु राखेउ जोई ।
  • कमल नयन पूजन चहं सोई ॥
  • कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर ।
  • भए प्रसन्न दिए इच्छित वर ॥
  • जय जय जय अनन्त अविनाशी ।
  • करत कृपा सब के घटवासी ॥
  • दुष्ट सकल नित मोहि सतावै ।
  • भ्रमत रहौं मोहि चैन न आवै ॥
  • त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो ।
  • येहि अवसर मोहि आन उबारो ॥
  • लै त्रिशूल शत्रुन को मारो ।
  • संकट से मोहि आन उबारो ॥
  • मात-पिता भ्राता सब होई ।
  • संकट में पूछत नहिं कोई ॥
  • स्वामी एक है आस तुम्हारी ।
  • आय हरहु मम संकट भारी ॥
  • धन निर्धन को देत सदा हीं ।
  • जो कोई जांचे सो फल पाहीं ॥
  • अस्तुति केहि विधि करैं तुम्हारी ।
  • क्षमहु नाथ अब चूक हमारी ॥
  • शंकर हो संकट के नाशन ।
  • मंगल कारण विघ्न विनाशन ॥
  • योगी यति मुनि ध्यान लगावैं ।
  • शारद नारद शीश नवावैं ॥
  • नमो नमो जय नमः शिवाय ।
  • सुर ब्रह्मादिक पार न पाय ॥
  • जो यह पाठ करे मन लाई ।
  • ता पर होत है शम्भु सहाई ॥
  • ॠनियां जो कोई हो अधिकारी ।
  • पाठ करे सो पावन हारी ॥
  • पुत्र हीन कर इच्छा जोई ।
  • निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई ॥
  • पण्डित त्रयोदशी को लावे ।
  • ध्यान पूर्वक होम करावे ॥
  • त्रयोदशी व्रत करै हमेशा ।
  • ताके तन नहीं रहै कलेशा ॥
  • धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे ।
  • शंकर सम्मुख पाठ सुनावे ॥
  • जन्म जन्म के पाप नसावे ।
  • अन्त धाम शिवपुर में पावे ॥
  • कहैं अयोध्यादास आस तुम्हारी ।
  • जानि सकल दुःख हरहु हमारी ॥

दोहा

  • नित्त नेम कर प्रातः ही,पाठ करौं चालीसा ।
  • तुम मेरी मनोकामना,पूर्ण करो जगदीश ॥
  • मगसर छठि हेमन्त ॠतु,संवत चौसठ जान ।
  • अस्तुति चालीसा शिवहि,पूर्ण कीन कल्याण ॥

Shiva Chalisa का महत्व

  • शिव चालीसा का नियमित पाठ करने से मन को शांति और भक्ति में स्थिरता मिलती है।
  • घर या जीवन से नकारात्मक शक्तियां एवं बाधाएं दूर होती हैं।
  • भगवान शिव को आयु और आरोग्य का दाता माना जाता है। शिव चालीसा का पाठ बीमारियों से मुक्ति में सहायक होता है।
  • आर्थिक संकट और जीवन की परेशानियों से छुटकारा पाकर सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है।
  • भगवान शिव भक्ति के माध्यम से भक्त को मोक्ष प्रदान करते हैं।

Disclaimer: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।

शिव चालीसा पाठ करते समय सावधानियां
  • क्रोध, नकारात्मक विचार, अस्वच्छता में पाठ न करें।
  • पाठ करते समय जल्दीबाजी या लापरवाही न करें, शुद्ध उच्चारण करें।
  • शिव पूजा में तुलसी पत्र, हल्दी और चंपा का फूल अर्पित न करें।
  • पाठ करते समय इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल या अन्य विकर्षणों से दूर रहें।
  • केवल फल प्राप्ति के लिए दिखावे हेतु पाठ न करें, बल्कि भक्ति भाव से करें।
शिव चालीसा पाठ करने के नियम क्या हैं?
  • सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनकर शिवलिंग या शिव प्रतिमा के सामने बैठकर पाठ करें।
  • पाठ से पहले दीपक जलाएं और गंगाजल से आचमन करें।
  • पाठ के समय भगवान शिव को बेलपत्र, जल, अक्षत, धूप-दीप अर्पित करें।
  • रोज़ाना न कर पाएं तो सोमवार को अवश्य पढ़ें।
  • श्रद्धा और भाव से पाठ करें, तभी फल की प्राप्ति होगी।
More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+