Durga Maa Ka Khoicha Kaise Bhare: किस दिन है मां दुर्गा को खोइछा भरने का शुभ मुहूर्त? ये है सामान की लिस्ट
Durga Maa ka Khoicha: शारदीय नवरात्रि चल रही है और इन नौ दिनों में माता रानी के 9 रूपों की पूजा-आराधना भक्त बड़े ही भक्ति-भाव से कर रहे हैं। पौराणिक कथाओं और मान्यताओं के अनुसार आश्विन मास के दौरान मां दुर्गा जो मां पार्वती का रूप हैं, अपने पीहर आती हैं। कहा जाता है कि इन दिनों माता कैलाश को छोड़, अपने बच्चों सहित पृथ्वी पर यानी अपने मायके आती हैं।
नवरात्रि के अनुष्ठान के बाद मां का विसर्जन किया जाता है और ऐसा माना जाता है कि मां अपने ससुराल याने कैलाश लौट गईं। सनातन धर्म की परंपराओं और मान्यताओं के अनुसार जब बेटी मायके से वापस जाति है तो उसे 'खोइछा' (आंचल में कुछ विशेष चीजें दी जाती हैं) दिया जाता है।

ठीक वैसे ही जब मां वापस लौटती हैं तब महिलाएं उनका खोइछा भरती हैं। शारदीय नवरात्र केवल मां दुर्गा की नौरूप पूजा का पर्व ही नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के लिए अपनी परिवारिक खुशहाली और सुहाग की रक्षा का भी विशेष अवसर है। सुहागिन महिलाएं मां दुर्गा को खोइछा भरकर अपने परिवार की समृद्धि और सुख-शांति की कामना करती हैं। यह परंपरा सदियों पुरानी है और इसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है।
यह अनुष्ठान न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक सौभाग्य को भी मजबूत करने वाला माना जाता है। हर साल नवरात्रि के दौरान एक विशेष दिन और मुहूर्त निर्धारित किया जाता है।
ये भी पढ़ें: Shardiya Navratri 2025: बुझ जाए अखंड ज्योत तो क्या करें? क्या कहते हैं ज्योतिष के नियम, कैसे टलेगा अपशगुन?
खोइछा भरने का दिन और शुभ मुहूर्त
इस साल खोइछा भरने का दिन 30 सितंबर 2025, मंगलवार है। शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
- प्रातः मुहूर्त: 6:15 बजे से 7:25 बजे तक
- द्वितीय अर्ध पहर: 9:15 बजे से 11:59 बजे तक (सबसे उत्तम मुहूर्त)
- वैकल्पिक समय: 1:54 बजे तक किसी भी समय
विशेष बात यह है कि यह मुहूर्त मां दुर्गा के खोइछा भरने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
नवरात्रि की तिथियां और महत्व
- नवरात्रि की शुरुआत: 22 सितंबर 2025
- महाअष्टमी: 30 सितंबर 2025
- महानवमी: 1 अक्टूबर 2025
- दशहरा/समापन: 2 अक्टूबर 2025
नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है और प्रत्येक दिन का अलग महत्व होता है।
खोइछा भरने का महत्व
खोइछा भरना सनातनी परंपरा में शुभता का प्रतीक माना जाता है। इसे भरने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है और सुहागिन महिलाओं की सौभाग्य की रक्षा होती है। खोइछा भरते समय महिलाएं नम आंखों से संसार के कल्याण और अपने परिवार की भलाई की कामना करती हैं।
खोइछा भरने में आवश्यक सामग्री
खोइछा भरने के लिए महिलाएं निम्नलिखित सामग्री का उपयोग करती हैं:
- अरवा चावल
- पांच सुपारी
- पांच पान
- श्रृंगार का सामान
- हल्दी की गांठ
- दूर्वा
- पैसा
- मिठाई और बताशा
- वस्त्र
ये सारी चीजें मां दुर्गा के खोइछा में डालकर महिलाएं अपने परिवार और समाज की भलाई की प्रार्थना करती हैं।
अष्टमी-नवमी की तिथि में कंफ्यूजन
इस साल नवरात्रि 10 दिनों की है। तृतीया तिथि का दोहराव (दो दिन तक होने के कारण) महाष्टमी 30 सितंबर हो पड़ेगी। इस दिन मां के महागौरी स्वरुप की आराधना की जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल दुर्गा अष्टमी का पर्व 30 सितंबर 2025 को मनाया जा रहा है। वहीं, महानवमी का पर्व 01 अक्टूबर को है।
ये भी पढ़ें: Sharadiya Navratri: मां दुर्गा की पूजा के बाद रात को करें ये उपाय, होगी धनवर्षा, कर्ज से मिलेगी मुक्ति!
डिस्क्लेमर: हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते हैं। इस आर्टिकल में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना और धार्मिक परंपरा को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत की गई है। कृपया व्यक्तिगत पूजा, मुहूर्त या अन्य आधिकारिक कार्यों के लिए संबंधित धार्मिक स्रोतों की पुष्टि अवश्य करें।












Click it and Unblock the Notifications