UP चुनाव से पहले योगी सरकार का मास्टरस्ट्रोक, तीन तलाक और एसिड अटैक पीड़िताओं के लिए खोला खजाना!
UP Govt Scheme for Triple Talaq Victims: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की सरगर्मी के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधी आबादी को साधने के लिए अब तक का सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक चल दिया है। सूबे की योगी सरकार ने तीन तलाक (Triple Talaq), एसिड अटैक की शिकार और निराश्रित (बेसहारा) महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सम्मानजनक जीवन देने के लिए बड़ा फैसला लिया है।
सरकार अब इन पीड़ित महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत जैसी बेहद महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने जा रही है। मुख्यमंत्री के इस कड़े और सीधे निर्देश के बाद यूपी के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। आइए जानतें हैं सरकार की इस नई रणनीति से सूबे की पीड़ित महिलाओं के दिन कैसे बदलने वाले हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर तैयार हो रहा है 'स्पेशल डेटा'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख के बाद उत्तर प्रदेश के महिला कल्याण विभाग ने जमीनी स्तर पर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस महायोजना का लाभ सीधे और बिना किसी देरी के असली लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए पूरे राज्य में तीन तलाक, एसिड अटैक पीड़ितों और निराश्रित महिलाओं का एक विस्तृत और सत्यापित (Verified) डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। शासन स्तर पर इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और शासनादेश (GO) जारी करने की प्रक्रिया भी अंतिम दौर में है।
प्रक्रियागत जटिलताएं होंगी खत्म
योगी सरकार का साफ उद्देश्य है कि जानकारी के अभाव या सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जटिलताओं के कारण कोई भी पीड़ित महिला इस लाभ से वंचित न रह जाए। इसके लिए कई विभागों के बीच आपसी तालमेल बिठाया जा रहा है। सीएम योगी ने एक हाई लेवल मीटिंग में अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा था कि जिन भी पीड़ित महिलाओं के पास अपना खुद का स्थायी मकान नहीं है, उन्हें बिना किसी देरी के 'पीएम आवास' या 'मुख्यमंत्री आवास योजना' के तहत पक्का घर आवंटित किया जाए।
इलाज और सर्जरी का पूरा खर्च उठाएगी सरकार
आवास के साथ-साथ इन महिलाओं और उनके परिवारों को सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा देने के लिए 'आयुष्मान भारत योजना' और 'मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना' के तहत मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण इलाज की सुविधा दी जाएगी। दरअसल, एसिड अटैक की शिकार महिलाओं को लंबे समय तक महंगी सर्जरी, इलाज और पुनर्वास (Rehabilitation) की जरूरत होती है। वहीं, तीन तलाक से प्रभावित महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से पूरी तरह टूट जाती हैं। ऐसे में सरकार उन्हें मुफ्त इलाज कार्ड देकर एक बहुत बड़ा संबल देने जा रही है।
यूपी चुनाव 2026: विपक्ष के समीकरण बिगाड़ेगा योगी का यह दांव
उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव (UP Election 2027) से ठीक पहले योगी सरकार का यह फैसला सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि विपक्ष के सामाजिक और वोटबैंक समीकरणों को पूरी तरह ध्वस्त करने वाला एक अचूक राजनीतिक दांव माना जा रहा है। तीन तलाक और एसिड पीड़िताओं को सीधे अपनी कोर योजनाओं (आवास और मुफ्त इलाज) से जोड़कर भाजपा ने 'महिला सुरक्षा' और 'सबका साथ, सबका विकास' के नैरेटिव को और ज्यादा मजबूत कर दिया है।















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