Navratri Ashtami: महाअष्टमी के दिन जरूर करें ये 4 उपाय, इस मुहूर्त में ही करें कन्या पूजन, महागौरी करेगी कृपा
Shardiya Navratri 2023 Ashtami: आज नवरात्रि की अष्टमी तिथि है, जिसे महाअष्टमी और दुर्गाष्टमी भी कहा जाता है। इस दिन मां दुर्गा के 'महागौरी' स्वरूप की पूजा की जाती है। महागौरी के समस्त वस्त्र और आभूषण श्वेत रंग के हैं। महागौरी की चार भुजाएं हैं, इनके ऊपर के दाहिने हाथ में अभय मुद्रा और नीचे वाले दाहिने हाथ में त्रिशूल है। ऊपरवाले बायें हाथ में डमरू और नीचे के बायं हाथ में वर-मुद्रा है।
इस साल नवरात्रि की अष्टमी तिथि 21 अक्टूबर की रात 9 बजकर 54 मिनट से शुरू हो रही है। 22 तारीख को उदया तिथि है, इसलिए महा अष्टमी का पूजन इसी दिन होगा। अष्टमी के दिन कई घरों में कन्या पूजन भी किया जाता है। माता गौरी की पूजा में कुछ खास बातों का ध्यान रखने से मनचाहा फल मिलता है।

मां महागौरी के पूजन से लाभ
महागौरी के पूजन से सभी नौ देवियों की असीम कृपा मिलती है। मां महागौरी ममता की मूरत हैं, इसलिए वो अपने भक्तों के सारे कष्टों का निवारण करती हैं।
महागौरी का मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु माँ गौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
महाअष्टमी कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
महाअष्टमी के दिन 22 अक्टूबर को सुबह 7 बजकर 51 मिनट से 9 बजकर 16 मिनट तक का कन्या पूजन का सबसे उत्तम मुहूर्त है। इसके अलावा आप अमृतकाल में 10 बजकर 41 मिनट से 12 बजकर 1 मिनट तक भी कन्या पूजन कर सकते हैं।
महाअष्टमी के दिन करें ये उपाय
1. महाष्टमी के दिन मां दुर्गा की पूजा में लौंग और लाल फूल चढ़ाए, इससे मां दुर्गा जल्दी प्रसन्न होती हैं।
2. शारदीय नवरात्रि की अष्टमी के दिन मां महागौरी को लाल रंग की चुनरी में एक सिक्का और बताशा रखकर अपर्ति करें। ऐसा करने से मनचाहा फल मिलता है।
3. महाष्टमी के दिन व्रत रखने वाले भक्तों पर मां गौरी की असीम कृपा होती है। कहा जाता है कि सभी बिगड़े कार्य पूरे होने लगते हैं।
4. महाष्टमी के दिन अगर आप कन्या पूजन करते हैं तो 9 कन्याओं के साथ 1 बालक को जरूर बैठाएं। बालक को भैरव का रूप माना जाता है।












Click it and Unblock the Notifications