Shani Pradosh Vrat 2025: शनि प्रदोष व्रत आज, जानें शुभ मुहूर्त-पूजा विधि और महत्व
Shani Pradosh Vrat 2025: आज अश्विन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि यानी कि प्रदोष व्रत है,जब ये उपवास शनिवार को आता है तो इसे शनि प्रदोष व्रत कहते हैं। इस दिन भगवान शिव और शनिदेव कीपूजा साथ में करने से दोगुने फल की प्राप्ति होती है। यह व्रत न केवल शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के कष्टों को कम करता है बल्कि व्यक्ति के जीवन में सुख और शांति भी लाता है।
कहा जाता है कि इस व्रत को रखने से भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्त को दीर्घायु, समृद्धि और पापों से मुक्ति का आशीर्वाद देते हैं। शनिदेव भी प्रसन्न होकर जीवन में आ रही रुकावटों को दूर करते हैं। आइए जानते हैं पूजा-विधि और मुहूर्त।

Shani Pradosh Vrat 2025 का शुभ मुहूर्त
- त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ आज शाम 05.09 बजे से।
- त्रयोदशी तिथि का समापन 05 अक्टूबर को दोपहर 03.03 बजे।
- भगवान शिव- मां पार्वती और शनिदेव की पूजा आप आज शाम 06.03 बजे से रात 08.30 बजे तक कर सकते हैं।
Shani Pradosh Vrat 2025 की पूजा विधि
व्रत रखने वाले व्यक्ति को प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए।भगवान शिव और शनिदेव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। प्रदोष काल में भगवान शिव का अभिषेक करें - जल, दूध, दही, शहद, शक्कर और घी से।ॐ नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जप करें।इसके बाद शनिदेव का तिल, तेल, काले तिल और काले वस्त्र से पूजन करें। मंदिर में दीप जलाकर शनि प्रदोष व्रत कथा का श्रवण करें।
Shani Pradosh Vrat 2025 के लाभ
शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है।शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव में कमी आती है। जीवन में स्थिरता और सफलता मिलती है। मानसिक शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। शत्रु भय और बाधाएं दूर होती हैं।इस दिन काले तिल, तेल, और लोहे का दान शुभ होता है।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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