भाजपा के पत्र विवाद: कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री यादव पर असहयोग और उपेक्षा का आरोप लगाया
मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा कथित तौर पर लिखे गए एक पत्र के प्रसारित होने के बाद विवादों में घिरी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को संबोधित इस पत्र में राज्य नेतृत्व पर उपेक्षा और असहयोग का आरोप लगाया गया है। विपक्ष कांग्रेस ने इस मुद्दे को भुनाते हुए दावा किया है कि यह सत्तारूढ़ दल के भीतर आंतरिक कलह को उजागर करता है।

जब विजयवर्गीय से एक हिंदी दैनिक द्वारा रिपोर्ट किए गए पत्र के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने टालमटोल करते हुए कहा कि इस बारे में अखबार से पूछताछ की जानी चाहिए। उन्होंने बाद में इस मुद्दे को सुलझा हुआ बताया। इस बीच, स्थानीय सांसद शंकर लालवानी ने इंदौर में एक कार्यक्रम को स्थगित करने की घोषणा की, जो शुरू में विजयवर्गीय और सीएम यादव की मेजबानी के लिए निर्धारित था, उन्होंने दूसरे का व्यस्त कार्यक्रम बताया।
20 जून को लिखे गए कथित पत्र में इंदौर में विकास कार्यों में देरी के संबंध में विजयवर्गीय की शिकायतों का उल्लेख है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके जिले को परियोजनाओं में दरकिनार कर दिया गया है और विभागीय स्थानांतरण उनकी जानकारी के बिना होते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ये मुद्दे जारी रहे तो वे जन जागरूकता बढ़ाएंगे।
विजयवर्गीय के पास शहरी विकास और आवास, और संसदीय कार्य सहित महत्वपूर्ण विभाग हैं। उनके दावों ने राजनीतिक गतिविधियों को तेज कर दिया है, जिसमें लालवानी ने शुरू में "इंदौर - मध्य प्रदेश की आशाओं का शहर" नामक एक संवाद कार्यक्रम की घोषणा की थी, जिसे बाद में स्थगित कर दिया गया।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस पार्टी ने बीजेपी की आलोचना करने के लिए इस स्थिति का लाभ उठाया है। उन्होंने सत्तारूढ़ दल के भीतर गुटबाजी के सबूत के रूप में पत्र के कुछ अंश सोशल मीडिया पर साझा किए। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और अन्य कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि आंतरिक संघर्ष शासन के लिए हानिकारक हैं।
एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पत्र को बीजेपी सरकार के भीतर आंतरिक कलह का सार्वजनिक प्रमाण बताया। उन्होंने सीएम यादव के नेतृत्व पर सवाल उठाया और अपने मंत्रियों और प्रशासन पर नियंत्रण की कमी का आरोप लगाया।
राजनीतिक निहितार्थ
इस विवाद ने बीजेपी के भीतर नेतृत्व की चुनौतियों पर चर्चाओं को जन्म दिया है। कांग्रेस का दावा है कि इन आंतरिक संघर्षों के कारण जनता में असंतोष बढ़ता जा रहा है। यह स्थिति सीएम यादव के प्रशासन के लिए संभावित चुनौतियों को रेखांकित करती है क्योंकि वे इन आरोपों से निपट रहे हैं।
With inputs from PTI












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