Mumbai Monsoon: जलमग्न हुई मुंबई! Palghar के स्कूल-कॉलेज बंद, कहां बारिश का रेड अलर्ट? Powai झील उफान पर
Mumbai Monsoon 2026: मॉनसून की देरी से जूझ रहे मुंबईकरों के लिए बुधवार (1 जुलाई) की भारी बारिश राहत और आफत दोनों लेकर आई। 30 जून की रात भर और 1 जुलाई की सुबह तड़के हुई जोरदार बारिश ने शहर के कई निचले इलाकों को जलमग्न कर दिया। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने पवई झील लबालब भरने की तस्वीर शेयर कर राहत की खबर दी, लेकिन साथ ही जलभराव, ट्रैफिक जाम और पेड़ गिरने की घटनाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और रत्नागिरी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है। खास बात यह है कि भारी बारिश की चेतावनी के कारण पालघर जिले के सभी स्कूल और कॉलेज 2 जुलाई 2026 को बंद रहेंगे। वहीं, नवी मुंबई में भारी बारिश के दौरान नेरुल के LP ब्रिज के नीचे जमा पानी में शॉर्ट सर्किट से बिजली का करंट फैलने के कारण कॉलेज की दो लड़कियां इसकी चपेट में आ गईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। आइए विस्तार से जानें कहां-कहां बारिश का अलर्ट?

Powai Lake लबालब: राहत की खबर
BMC ने बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे पवई झील उफान पर आने की जानकारी दी। इस कृत्रिम झील की क्षमता 545 करोड़ लीटर है। इसका पानी मुख्य रूप से औद्योगिक उपयोग के लिए जाता है। मॉनसून में देरी के कारण शहर के सात प्रमुख जलाशयों में जल स्तर बेहद कम था। पवई झील भरने से औद्योगिक क्षेत्रों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
BMC की रिपोर्ट के अनुसार, 1 जुलाई 2026 सुबह 6 बजे तक मुंबई के सात जलाशयों (भाटसा, अपर वैतरणा, मिडिल वैतरणा, तानसा, मोदक सागर, विहार और तुलसी) में कुल उपयोगी जल भंडारण क्षमता का सिर्फ 7.18% पानी बचा था। पिछले साल इसी तारीख को यह 41.17% था। अपर वैतरणा का स्तर LDL (Lowest Drawdown Level) से नीचे पहुंच गया है।
Mumbai Rain Red Alert: किन इलाकों में सबसे ज्यादा खतरा?
IMD ने मुंबई, ठाणे और पालघर के लिए दोपहर तक रेड अलर्ट जारी किया, जिसे शाम 7 बजे तक बढ़ा दिया गया। रायगढ़ और रत्नागिरी को भी रेड अलर्ट पर रखा गया। पुणे, सतारा, कोल्हापुर और पालघर में ऑरेंज अलर्ट है।
प्रभावित इलाके:
- अंधेरी: स्वामी विवेकानंद रोड पर बड़ा पेड़ गिरा, यातायात बाधित।
- सांताक्रूज ईस्ट: वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर भारी जाम।
- वर्ली, नवी मुंबई: जलभराव।
- अंधेरी सबवे और अन्य निचले इलाके: पानी भर गया।
- दादर, माटुंगा, कुरला, घाटकोपर, बोरिवली, मालाड आदि में भी पानी जमा होने की खबरें।
100 मिमी से ज्यादा बारिश वाले इलाकों में यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
यातायात-ट्रेनें भी प्रभावित
लगातार बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया। BMC और फायर ब्रिगेड की टीमें पंपिंग और पेड़ हटाने में जुटी हैं। लोकल ट्रेनें भी प्रभावित हुईं। कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई।
मॉनसून में देरी: कारण और चिंता क्या?
2026 में मॉनसून की शुरुआत देरी से हुई। जून में सामान्य से कम बारिश हुई, जिससे जलाशय सूख गए। अपर वैतरणा जैसे महत्वपूर्ण जल स्रोत LDL से नीचे पहुंच गए। शहर को पानी की कटौती का सामना करना पड़ा। अब जोरदार बारिश हो रही है, लेकिन बाढ़ और जलभराव की समस्या बढ़ गई है।
पिछले सालों से तुलना समझें...
- 2025: 1 जुलाई को 41.17% जल स्तर।
- 2024: 5.46%।
- 2026: 7.18% (अभी सुधार, लेकिन देरी से चिंता)।
मुंबई की जल आपूर्ति मुख्य रूप से वैतरणा, तानसा और अन्य झीलों पर निर्भर है। बारिश की अनियमितता जल संकट को बढ़ाती है।
मुंबई की ड्रेनेज समस्या: जड़ में क्या?
मुंबई की पुरानी ड्रेनेज सिस्टम, अतिक्रमण, कचरा जमा होना और समुद्र स्तर बढ़ना मुख्य कारण हैं। पूर्व में कई बार भारी बारिश में शहर पानी-पानी हो जाता है। 26 जुलाई 2005 जैसी आपदा की यादें अभी ताजा हैं। सरकार और BMC को दीर्घकालिक समाधान पर काम करना होगा, नए ड्रेनेज प्रोजेक्ट, झीलों का संरक्षण, अतिक्रमण हटाना और वेटलैंड्स बचाना।













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