Shanaischari Amavasya 2019: शनैश्चरी अमावस्या पर करें ये काम, कभी नहीं होगी धन की कमी
नई दिल्ली। 5 जनवरी शनिवार को पौष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या आ रही है। शनिवार को आने के कारण यह शनैश्चरी अमावस्या कही जाएगी। पौष माह में शनैश्चरी अमावस्या आना एक बड़ा योग है क्योंकि इसी दिन से त्रिवेणी में नवग्रह यात्रा प्रारंभ होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस यात्रा को करने से नवग्रहों की शांति होती है और जीवन के समस्त संकटों का नाश होता है। इन शुभ संयोगों में आ रही इस शनैश्चरी अमावस्या के दिन आप भी अपने जीवन को सुखी और संपन्न बना सकते हैं इसके लिए आपको कुछ उपाय करना होंगे। उन उपायों को करने से आपके जीवन में ना तो कभी धन की कमी होगी और ना ही कोई रोग-शोक आपको परेशान करेगा।

शनैश्चरी अमावस्या का महत्व
शनिवार और अमावस्या तिथि का योग विशेष कृपादायी होता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करके सूर्य को अर्घ्य देकर गरीबों को भोजन, फल, वस्त्र, चप्पल आदि का दान दिया जाता है। यदि आपके आसपास पवित्र नदी ना हो तो घर में ही पानी में गंगाजल या नर्मदा का जल डालकर स्नान कर लें। इस दिन स्नान भी सूर्योदय पूर्व करना चाहिए। इसके बाद भगवान विष्णु और शिव की पूजा करें।

संकटों के नाश के लिए ये उपाय करें
- यदि आप लगातार आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। पैसों की बचत नहीं हो पा रही है। अनावश्यक खर्च बढ़ते जा रहे हैं तो शनैश्चरी अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की सात परिक्रमा करते हुए कच्चे दूध में बताशा और लाल फूल डालकर अर्पित करें।
- जीवन के प्रत्येक कार्य में बाधा आ रही हो तो शनैश्चरी अमावस्या के दिन आंकड़े के 27 पत्तों पर अष्टगंध से राम राम लिखकर इसकी माला बनाएं और हनुमानजी को अर्पित करें।
- धन संबंधी परेशानी दूर करने के लिए शनैश्चरी अमावस्या के दिन हनुमानजी को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर चोला चढ़ाएं। गुड़-चने और शुद्ध घी के हलवे का भोग लगाकर हनुमान बाहुअष्टक का पाठ करें।
- रोगों से मुक्ति के लिए शनैश्चरी अमावस्या के दिन भगवान शिव का अभिषेक शहद से करें।
- अमावस्या के दिन किसी सुनसान जगह के शिवमंदिर की सफाई करके उसमें रातभर जलने वाला दीपक लगाकर आएं। इससे शिव की पूर्ण कृपा प्राप्त होगी और जो चाहेंगे वो मिलेगा।
- अमावस्या की रात्रि टोने-टोटके और बुरी नजर, बुरी शक्तियों को काटने के लिए भी महत्वपूर्ण है। यदि आपको लगता है कि आपको किसी की बुरी नजर लग गई है। नकारात्मकता अनुभव होती हो तो अमावस्या की रात्रि में घर के प्रत्येक कोने में कपूर में लौंग डालकर जलाएं।
- शनि की साढ़ेसाती या ढैया चल रहा हो। जन्मकुंडली में शनि खराब स्थिति में हो या शनि की महादशा, अंतर्दशा चल रही हो तो शनैश्चरी अमावस्या के दिन शनिदेव के निमित्त दान करें और शनि स्तोत्र का पाठ, हवन आदि करें। इससे शनि की पीड़ा शांत होगी और पूरी साढ़ेसाती के दौरान शनि परेशान नहीं करेंगे।













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