दक्षिण भारत में स्थित हैं मां दुर्गा के ये चार शक्तिपीठ, जहां हर मन्नत होती है पूरी
बेंगलुरू, 13 अक्टूबर। नवरात्रि में नवदुर्गा के नौ रूपों की हर घर में पूजा-अर्चना होती है और दुर्गा शप्तशती का पाठ होता है। शक्ति की देवी मां दुर्गा के शक्ति रूपों को शक्तिपीठ के नाम से जाना जाता है। पुराणों में अनुसार माता सती के पिता ने उन्हें अपने यहां आयोजित यज्ञ में आमंत्रित नहीं किया था। माता सती अपने पति भगवान शिव के इस अनादर को सहन नहीं कर पाई और खुद को यज्ञ कुंड में जल रही अग्नि को समर्पित कर दिया। जब सती के बारे में शिव भगवान को पता चला तो उन्होंनें क्रोध में आकर तांडव करने लगे और भववान विष्णु ने सृष्टि को बचाने के लिए माता सती के मृत शरीर को अपने सुदर्शन चक्र से टुकड़े-टुकड़े कर दिए। जहां- जहां धरती पर माता के शरीर के अंग, वस्त्र और आभूषण गिरे वहां ये शक्तिपीठ हैं। देवीपुराण में 51 शक्तिपीठों का वर्णन मिलता है जिनमें से अधिकांश भारत में और कुछ बाहरी देशों में हैं।{photo-feature}'शोले' फिल्म के इस सीन को शूट करने में अमिताभ बच्चन को लगे थे पूरे 3 साल, धमेंद्र ने भी खोला एक राज












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