Sawan Ka somwaar: सावन का चौथा सोमवार आज, शिवालयों में गूंजे जय शिव-शंभू के जयकारे
Sawan ka somwaar: आज सावन का चौथा सोमवार है, चारों ओर भोलेबाबा की गूंज है, मंदिरों में भोलेनाथ की जयकारे गूंज रहे हैं। शिवालयों में भक्तों की भीड़ देखी जा रही है। आपको बता दें कि सावन का महीना 4 जुलाई से प्रारंभ हुआ है और अधिकमास की वजह से इस बार का सावन 59 दिनों का हो गया है। आज अधिकमास वाला सावन का सोमवार है। आज के दिन व्रत रखना बाध्य नहीं है, आज केवल शिव की आराधना का ही महत्व है।

शिव दोनों हाथों से अपने भक्तों पर कृपा बरसा रहे हैं
आज के दिन जो भी भोलेनाथ की पूजा सच्चे मन से करता है, उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। सावन का आज का सोमवार हर जातक के लिए लकी है। आज शिव दोनों हाथों से अपने भक्तों पर कृपा बरसा रहे हैं। आजभक्तों को पैसा, सम्मान , अच्छी सेहत सब नसीब होगी। आज की पूजा करने वाले पति-पत्नियों के बीच प्रेम और विश्वास पनपेगा।
रवि योग में आया है सावन का सोमवार
आज का दिन बेहद ही पावन है, आज रवि योग सुबह ह 5 बजकर 42 मिनट से ही लग गया है, जो कि मान सम्मान और समृद्धि बढ़ाता है। ये योग आज शाम 6 बजकर 58 मिनट तक का है। इस अवधि के बीच जब भी आप शिव की पूजा करेंगे, आपको विशेष फल की प्राप्ति होगी।
इन शिव मंत्रों से करें भोलेनाथ की पूजा
- ऊँ नम: शिवाय।।
- ओम साधो जातये नम:।। ओम वाम देवाय नम:।।
- ओम अघोराय नम:।। ओम तत्पुरूषाय नम:।।
- ओम ईशानाय नम:।। ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।।
- ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
- ऊँ हौं जूं स: ऊँ भुर्भव: स्व: ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ऊँ भुव: भू: स्व: ऊँ स: जूं हौं ऊँ।।
शिव स्तुति
- आशुतोष शशाँक शेखर,
- चन्द्र मौली चिदंबरा,
- कोटि कोटि प्रणाम शम्भू,
- कोटि नमन दिगम्बरा ॥
- निर्विकार ओमकार अविनाशी,
- तुम्ही देवाधि देव,
- जगत सर्जक प्रलय करता,
- शिवम सत्यम सुंदरा ॥
- निरंकार स्वरूप कालेश्वर,
- महा योगीश्वरा,
- दयानिधि दानिश्वर जय,
- जटाधार अभयंकरा ॥
- शूल पानी त्रिशूल धारी,
- औगड़ी बाघम्बरी,
- जय महेश त्रिलोचनाय,
- विश्वनाथ विशम्भरा ॥
- नाथ नागेश्वर हरो हर,
- पाप साप अभिशाप तम,
- महादेव महान भोले,
- सदा शिव शिव संकरा ॥
- जगत पति अनुरकती भक्ति,
- सदैव तेरे चरण हो,
- क्षमा हो अपराध सब,
- जय जयति जगदीश्वरा ॥
- जनम जीवन जगत का,
- संताप ताप मिटे सभी,
- ओम नमः शिवाय मन,
- जपता रहे पञ्चाक्षरा ॥
- आशुतोष शशाँक शेखर,
- चन्द्र मौली चिदंबरा,
- कोटि कोटि प्रणाम शम्भू,
- कोटि नमन दिगम्बरा ॥
- कोटि नमन दिगम्बरा..
- कोटि नमन दिगम्बरा..












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