Sawan Ke Second Somwaar Aaj: कीजिए इन मंत्रों के साथ शिवलिंग की पूजा, संवर जाएगा जीवन
Sawan Ke Dusra Somwaar Hindi: आज सावन मास का दूसरा सोमवार है, ये दिन बहुत ज्यादा पावन है। आज के दिन शिव भक्त विशेष रूप से व्रत रखते हैं और भगवान शिव की पूजा करते हैं।माना जाता है कि इस दिन शिव की आराधना से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
व्रत और पूजा विधि ( Sawan ka somwaar Puja Vidhi)
सावन के दूसरे सोमवार को व्रत रखने वाले भक्त प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं। इसके बाद शिवलिंग पर जल, दूध, और बेलपत्र चढ़ाते हैं।

शिव पुराण का पाठ और महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जाता है। व्रत रखने वाले भक्त पूरे दिन उपवास रखते हैं और शाम को भगवान शिव की आरती करते हैं।
सावन के सोमवार का अध्यात्मिक महत्त्व ( Sawan Ke Second Somwaar significance)
सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति और साधना के लिए उत्तम समय है। इस महीने में शिव आराधना से मनुष्य के सभी पाप नष्ट होते हैं और जीवन में शांति और समृद्धि आती है। सावन के दूसरे सोमवार को व्रत और पूजा करने से व्यक्ति की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं।
इन शिव मंत्रों से महादेव की पूजा ( Shiva Mantra)
- ॐ नमः शिवाय
- ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
- ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः
- ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
- ऊं पषुप्ताय नमः
शिव आरती ( Shiva Aarti)
- ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु जय शिव ओंकारा।
- ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ हर हर हर महादेव॥
- एकानन चतुरानन पंचानन राजे। शिव पंचानन राजे।
- हंसासन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ हर हर हर महादेव.॥
- दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे। प्रभु दस भुज अति सोहे।
- तीनों रूप निरखते। त्रिभुवन मन मोहे ॥ ॐ हर हर हर महादेव॥
- अक्षमाला बनमाला मुण्डमाला धारी। शिव मुण्डमाला धारी।
- चंदन मृगमद चंदा, सोहे त्रिपुरारी॥ ॐ हर हर हर महादेव॥
- श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे। शिव बाघम्बर अंगे।
- ब्रह्मादिक सनकादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ हर हर हर महादेव॥
- कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता। शिव कर में त्रिशूल धर्ता।
- जगकर्ता जगहर्ता जगपालनकर्ता॥ ॐ हर हर हर महादेव॥
- ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका। स्वामी जानत अविवेका।
- प्रणवाक्षर के मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ हर हर हर महादेव॥
- त्रिगुण शिवजी की आरती जो कोई नर गावे। प्रभु प्रेम सहित गावे।
- कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥ ॐ हर हर हर महादेव॥
यह पढ़ें:Disclaimer: इस आलेख का मतलब किसी भी तरह का अंधविश्वास पैदा करना नहीं है। यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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