NEET UG 2026: 'अबू धाबी सेंटर खुद छात्र ने चुना', नागपुर के छात्र के परीक्षा केंद्र विवाद पर NTA का दावा
NEET UG 2026 Exam Center Controversy: एग्जाम सेंटर को लेकर उठे विवाद पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपनी सफाई जारी की है। मामला नागपुर के एक स्टूडेंट को अबू धाबी में एग्जाम सेंटर मिलने से जुड़ा था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कई सवाल उठे थे। NTA ने कहा कि उसके रिकॉर्ड के मुताबिक सेंटर सिटी में बदलाव स्टूडेंट के अपने Registered login से Correction window के दौरान किया गया था।
एजेंसी का दावा है कि सिस्टम में एक ही User access pattern दिखा, जिससे यह संकेत मिलता है कि बदलाव उम्मीदवार के Credentials से ही किया गया। हालांकि बाद में NTA ने छात्र की मदद करते हुए सेंटर बदल भी दिया।

NTA ने क्या दी सफाई?
NTA ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि NEET UG 2026 की नई परीक्षा तारीख 21 जून तय होने के बाद candidates को examination city correction window दोबारा दी गई थी। इस दौरान करीब 3.2 लाख छात्रों ने अपने विकल्पों में बदलाव किया। एजेंसी के अनुसार 99.5 फीसदी से ज्यादा उम्मीदवारों को उनकी preferred city allot की गई। नागपुर के छात्र के मामले में भी सिस्टम रिकॉर्ड बताते हैं कि city change का अनुरोध उसी के registered account से किया गया था और इसमें किसी दूसरे user की activity नहीं दिखी।
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अबू धाबी सेंटर कैसे चुना गया?
NTA के मुताबिक जांच में पता चला कि candidate के login credentials का इस्तेमाल करते हुए एग्जाम सिटी को अबू धाबी में बदला गया था। एजेंसी ने यह भी बताया कि रिकॉर्ड में कुल तीन बार अबू धाबी सेंटर से जुड़ी activity दर्ज हुई। एक बार city change किया गया और दो बार उसी सेंटर की details preview की गईं। NTA का कहना है कि इससे साफ संकेत मिलता है कि candidate account से यह चयन जानबूझकर किया गया था। इसलिए शुरुआती स्तर पर इसे तकनीकी गलती नहीं माना जा सकता।
आखिरी समय पर क्या हुआ?
एजेंसी के अनुसार 19 जून की शाम, यानी परीक्षा से लगभग 48 घंटे पहले, उम्मीदवार की ओर से नागपुर सेंटर की मांग की गई। यह अनुरोध informal तरीके से NTA तक पहुंचा था। इसके बावजूद अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और candidate के पिता से भी संपर्क किया। NTA ने कहा कि उसने जरूरी formalities पूरी कराने में परिवार की मदद की ताकि छात्र को परीक्षा देने में किसी तरह की परेशानी न हो। एजेंसी के अनुसार request मिलने के बाद सेंटर बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।
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'Student First' नीति पर NTA का जोर
NTA ने कहा कि उसकी प्राथमिकता हमेशा यह रहती है कि किसी भी छात्र का एग्जाम प्रशासनिक उलझनों की वजह से प्रभावित न हो। एजेंसी ने इस मामले में भी candidate की मांग को स्वीकार करते हुए सेंटर बदलने का फैसला लिया। NTA ने अपने बयान में कहा कि भले ही रिकॉर्ड के अनुसार अबू धाबी सेंटर उम्मीदवार के account से चुना गया था, फिर भी छात्र के हित को देखते हुए बदलाव किया गया। एजेंसी ने इसे अपनी "Student First Approach" का हिस्सा बताया, ताकि कोई भी aspirant परीक्षा से वंचित न रहे।












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