NEET UG Re-Exam 2026: पेपर लीक के बाद एक्शन! एयरफोर्स से पेपर डिलीवरी, Telegram पर बैन, इस बार क्या-क्या बदला?
NEET UG 2026 Re Exam: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG पिछले कुछ महीनों से लगातार चर्चा में है। पेपर लीक विवाद, परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा कराने के फैसले के बाद अब लाखों छात्रों और अभिभावकों के मन में एक ही सवाल है-आखिर NEET में इस बार क्या बदला है?
शिक्षा मंत्रालय और NTA का मानना है कि इससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पुष्टि की है कि आने वाले समय में ट्रेडिशनल पेन-एंड-पेपर (OMR आधारित) परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।

सरकार ने परीक्षा में गड़बड़ियों, धांधली और पेपर लीक के खिलाफ 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए NEET-UG 2027 से कंप्यूटर आधारित टेस्ट CBT मोड लागू करने का फैसला किया है।
हालांकि, वर्तमान सत्र यानी 21 जून 2026 (रविवार) को आयोजित होने जा रही री-नीट परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सुरक्षा के ऐसे अभूतपूर्व और कड़े इंतजाम किए हैं, जो भारत के परीक्षा इतिहास में पहले कभी नहीं देखे गए।
21 जून को होने वाले पेपर में क्या है खास?
रविवार, 21 जून 2026 को होने जा रही Re-NEET में शामिल होने वाले देश के करीब 22 से 23 लाख छात्रों के लिए परीक्षा के मोड में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यह परीक्षा हमेशा की तरह पारंपरिक पेन-एंड-पेपर मोड यानी ओएमआर (OMR) शीट पर ही आयोजित की जाएगी। लेकिन सुरक्षा के लिहाज से इस बार सरकार ने "वॉर फुटिंग" पर बड़े बदलाव किए हैं:
भारतीय वायुसेना (IAF) को मिली प्रश्नपत्रों की जिम्मेदारी
पेपर लीक की किसी भी गुंजाइश को खत्म करने के लिए पहली बार भारतीय वायुसेना (IAF) के विमानों का इस्तेमाल प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन के लिए किया गया है। अहमदाबाद और हैदराबाद जैसे मुख्य हब से देश के 551 परीक्षा शहरों तक पेपर पहुंचाने की कमान वायुसेना, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CRPF और CISF) और राज्य पुलिस के हाथों में सौंपी गई है।
देशभर में टेलीग्राम (Telegram) पर अस्थायी प्रतिबंध
NTA के अनुरोध पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने आईटी अधिनियम की धारा 69A के तहत देशभर में टेलीग्राम ऐप को 22 जून 2026 तक अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया है।
एडिट फीचर पर भी रोक: इसके साथ ही टेलीग्राम के 'मैसेज एडिटिंग' फीचर पर 30 जून तक के लिए पाबंदी लगाई गई है। जांच में सामने आया था कि जालसाज परीक्षा खत्म होने के बाद पुराने मैसेज को एडिट करके उसमें असली प्रश्नपत्र अपलोड कर देते थे और झूठा दावा करते थे कि पेपर पहले ही लीक हो गया था। इस डिजिटल हेरफेर को रोकने के लिए यह कड़ा कदम उठाया गया है।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े नियम
बायोमेट्रिक और फेशियल ऑथेंटिकेशन: सभी केंद्रों पर छात्रों का अनिवार्य रूप से आधार-आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन, लाइव फोटोग्राफी और फेशियल रिकग्निशन किया जाएगा ताकि किसी भी फर्जी उम्मीदवार (Proxy Candidate) को बैठने से रोका जा सके।
सिग्नल जार्मस और हाई-डेफिनिशन CCTV: सभी 5000+ परीक्षा केंद्रों के कमरों में हाई-सेंसिटिविटी वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग सीधे दिल्ली में शिक्षा मंत्रालय और एनटीए के कमांड सेंटर से की जा रही है। साथ ही परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल नेटवर्क को ब्लॉक करने के लिए जैमर्स लगाए गए हैं।
समय में बदलाव: अतिरिक्त वेरिफिकेशन और सुरक्षा जांच प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए इस बार परीक्षा की अवधि को बढ़ाकर 195 मिनट (3 घंटे 15 मिनट) कर दिया गया है। परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी, और मुख्य द्वार दोपहर 1:30 बजे बंद कर दिए जाएंगे।
अगले साल NEET 2027 से क्या बदलेगा?
मई 2026 की शुरुआत में हुई मुख्य परीक्षा में पेपर-लीक के आरोपों और भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार ने माना कि शारीरिक रूप से प्रश्नपत्रों को छापना, पैक करना और दूर-दराज के सेंटरों तक ले जाना ही गड़बड़ियों की असली जड़ है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अनुसार, इस पूरी समस्या की जड़ OMR आधारित परीक्षा व्यवस्था है। इसी को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2027 से नीट बदल जाएगा।
कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT): छात्र अब ओएमआर शीट पर पेन से गोले भरने की बजाय कंप्यूटर स्क्रीन पर माउस और कीबोर्ड की मदद से अपने जवाब दर्ज करेंगे, ठीक वैसे ही जैसे JEE Main या अन्य बड़ी इंजीनियरिंग परीक्षाएं होती हैं।
जब छपा हुआ पेपर ही नहीं होगा, तो उसे परीक्षा से पहले चुराने, फोटो खींचने या सोशल मीडिया पर वायरल करने का खतरा पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। सवाल सीधे तय समय पर छात्र की स्क्रीन पर डिजिटल रूप से डिक्रिप्ट होकर सामने आएंगे।
NEET 2027 में बैठने वाले छात्रों को अब कंप्यूटर स्क्रीन पर सवालों के बीच नेविगेट करने, प्रश्नों को फ्लैग या मार्क करने और ऑनलाइन टेस्ट सीरीज देने की आदत अभी से डालनी होगी।
यदि आप रविवार यानी 21 जून 2026 की री-परीक्षा में बैठ रहे हैं, तो अफवाहों और फर्जी सोशल मीडिया पोस्ट से पूरी तरह दूर रहें। NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने स्पष्ट किया है कि प्रश्नपत्र पूरी तरह सुरक्षित हैं और परीक्षा पूरी शुचिता के साथ आयोजित होगी।
आप बिल्कुल शांत मन से अपनी पुरानी तैयारी के आधार पर ही OMR शीट पर परीक्षा दें। वहीं, जो छात्र अगले साल (2027) इस रेस में शामिल होने वाले हैं, उन्हें अब अपनी पढ़ाई के साथ-साथ कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) के फॉर्मेट में मॉक टेस्ट देने की प्लानिंग शुरू कर देनी चाहिए।














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