Maharashtra: परभणी के यशवाड़ी मारुति मंदिर के सभा मंडप की गिरी छत, 5 श्रद्धालुओं की मौत, कैसे हुआ हादसा?
Parbhani Temple Roof Collapse: महाराष्ट्र के परभणी जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मानवत तहसील के प्रसिद्ध यशवाड़ी मारुति मंदिर में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। मंदिर परिसर में बना एक विशाल सभा मंडप की निर्माणाधीन छत अचानक गिर गई। जिसके मलबे में दबने से अब तक पांच श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। वहीं मलबे के नीचे 30 से अधिक भक्तों के दबे होने की आशंका है।
मंदिर में कैसे हुआ ये हादसा?
यह हादसा उस समय हुआ जब मंदिर में शनिवार होने के कारण सैकड़ों श्रद्धालु इकट्ठा थे। मारुति मंदिर होने की वजह से शनिवार को यहां विशेष पूजा-अर्चना और कीर्तन का आयोजन हर बार किया जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब भक्त दर्शन कर रहे रहे थे तभी अचानक निर्माणाधीन छत भरभराकर गिर पड़ी लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और वहां अफरा-तफरी मच गई।

घटना की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है। मलबे को हटाने और उसमें फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए भारी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। गंभीर रूप से घायल लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
मलबे में तब्दील हुई खुशियां
यशवाड़ी मारुति मंदिर परिसर में हर शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। हादसे के दिन भी मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष कीर्तन और महाप्रसाद का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए परभणी और उसके आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे पहुंचे हैं। सभी लोग भक्ति में लीन थे कि तभी यह भयावह हादसा हुआ।
निर्माणाधीन मंडप में दर्शन कर रहे थे भक्त
इस घटना का जो वीडियो सामने आया है उसमें मंडप में सैकड़ों बांस बल्लियां नजर आ रही हैं। उसी के नीचे भक्त भगवान के दर्शन करने पहुंचे थे तभी अचानक निर्माणाधीन छह और बांस बल्लियां भरभरा कर गिरने लगी जिसमें लोग दब गए और 5 लोगों की दम घुटने से मौत हो गई।
स्थानीय लोगों की मदद से बची भक्तों की जान
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही सभा मंडप की छत गिरी, धूल का गुबार उठा और चीखें गूंजने लगीं। जो लोग सुरक्षित बच गए थे, उन्होंने बिना समय गंवाए मलबे को हटाना शुरू कर दिया। स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने तत्परता दिखाते हुए मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला और अपनी गाड़ियों से अस्पताल पहुंचाया, जिससे कई जिंदगियां बच सकीं।
निर्माणाधीन ढांचे की सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल
घटनास्थल की तस्वीरों से स्पष्ट होता है कि यह सभा मंडप अभी निर्माणाधीन था। निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही इतने बड़े पैमाने पर लोगों के वहां एकत्र होने की अनुमति देने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर काफी नाराजगी है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी क्यों की गई।
अस्तताल में गंभीर हालत में भर्ती करवाए गए घायल
इस दुर्घटना में घायल हुए लोगों को आर.पी. अस्पताल और मानवत के अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई घायलों की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है, जिसके कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। डॉक्टरों की विशेष टीमें घायलों के इलाज में जुटी हैं और आपातकालीन सेवाएं सक्रिय कर दी गई हैं।













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