Santan Saptami 2024: संतान सप्तमी व्रत आज, जानिए मुहूर्त और विधि
Santan Saptami 2024 Vrat Muhurat: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को संतान सप्तमी व्रत किया जाता है। यह व्रत आज है। यह व्रत निसंतान दंपती उत्तम संतान की प्राप्ति के लिए करते हैं।
यह व्रत दंपती अपनी संतान की आयु और आरोग्य की कामना से भी करते हैं। जिन दंपतियों की संतानें गलत संगत में पड़कर गलत रास्ते पर चली गई हैं उन्हें सन्मार्ग पर लाने के लिए भी संतान सप्तमी व्रत किया जाता है।

इस व्रत में शिव-पार्वती का पूजन किया जाता है। संतान सप्तमी व्रत स्त्री-पुरुष दोनों रखें तो अधिक शुभ रहता है। संतान सप्तमी की पूजा दोपहर से पहले की जाती है।
दोपहर के बाद नहीं। संतान सप्तमी के दिन शिव पार्वती की मूर्ति, चित्र आदि का पूजन किया जाता है। पूजन किसी शिव मंदिर में भी किया जा सकता है। शिव पार्वती का संपूर्ण सामग्रियों से अभिषेक करें, पूजन करें।
मिष्ठान्न और फलों का नैवेद्य लगाएं कर्पूर से आरती करें
बिल्व पत्र, पुष्प आदि अर्पित करें। मिष्ठान्न और फलों का नैवेद्य लगाएं कर्पूर से आरती करें और संतान सप्तमी व्रत की कथा सुनें या पढ़ें। भोग में खीर, मीठी पूड़ी जैसे व्यंजन अवश्य शामिल करना चाहिए।
पूजन का मुहूर्त ( Santan Saptami Muhurat)
संतान सप्तमी व्रत का पूजन दोपहर 12 बजे से पूर्व किया जाता है। सप्तमी तिथि 9 सितंबर को रात्रि 9:52 से 10 सितंबर रात्रि 11:11 तक रहेगी। इसलिए संतान सप्तमी पूजन प्रात: 10:51 से दोप 12:23 के बीच किया जा सकता है।
पूजा विधि (Santan Saptami Puja Vidhi)
अपने घर के पूजा स्थान में एक चौकी स्थापित करें। इस पर लाल कपड़ा बिछाकर शिव पार्वती की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। फिर एक कलश में पानी भरकर उसमें आम के पांच पत्ते रखकर उस पर नारियल रख दें। इसके बाद हल्दी, कुमकुम, चावल, मेहंदी समेत समस्त सामग्री रखें और पूजा करें।
इसके बाद केले के पत्ते में सात मीठी पूड़ी बांधकर संतान की रक्षा की कामना से शिव-पार्वती को अर्पित करें। इसके साथ ही एक कल वा शिव-पार्वती को अर्पित करें। पूजा करते समय सूत के दो डोरे शिवजी को अर्पित करें।












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