Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Ramadan 2023 : 'जुमे' से हुई रमजान की शुरुआत, जानें इफ्तार का Time

Pahla Roja: रमजान का पाक महीना इंसान का खुदा से सीधे साक्षात्कार कराता है। ये महीना खुद को संयमित रखने का होता है।

 Ramadan 2023

Ramadan 2023 (पहला रोजा जुमे के) : बरकत का महीना कहे जाने वाले रमजान का पहला रोजा आज है यानी कि पाक माह की शुरुआत 'जुमा' के दिन से हुई है, आपको बता दें कि इस बार इस माह में पांच जुमे पड़ेंगे। पहला जुमा 24 मार्च को, दूसरा 31 मार्च को , तीसरा 7 अप्रैल को, चौथा जुमा 14 अप्रैल को और 5वां जुमा 21 अप्रैल को पड़ेगा। यही नहीं आज का पहला रोजा साढ़े 13 घंटे का और आखिरी रोजा साढ़े 14 घंटे का रहेगा।

22 मार्च को रमजान का चांद नहीं दिखा

आपको बता दें कि सऊदी अरब में बुधवार यानी कि 22 मार्च को रमजान का चांद नहीं दिखा था जिसके बाद जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने ट्वीट किया था कि 'इमारत-ए-शरिया हिंद ने 24 मार्च को अधिकारिक तौर पर रोजे की शुरुआत की बात कही थी इसलिए इंडिया में पहला रोजा आज रखा गया है।

बिना पानी के उपवास

आज सहरी का टाइम 05:01 AM था और इफ्तार का वक्त 06:37 PM है, आपको बता दें कि रोजेदार सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक बिना पानी के उपवास रखते हैं ।

बहुत सारी बातों का ख्याल रखें

इस दौरान बहुत सारे कठिन नियमों का पालन करना पड़ता है और बहुत सारी बातों का ख्याल रखना पड़ता है क्योंकि जरा सी असावधानी से रोजा टूट जाता है। केवल व्रत ही नहीं इस दौरान रोजा रखने वाले लोगों को गलत विचार, गलत निगाहों और गलत जुबान से भी बचना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से भी रोजा टूट जाता है। इसलिए लोग इसे नजर का रोजा, जीभ का रोजा और दिमाग का रोजा भी कहते हैं।

 Ramadan 2023

अपने गुनाहों की माफी मांगे

रोजा के दौरान इंसान खुदा से अपने गुनाहों की माफी मांगता है। इस दौरान लोग 'जकात' करते हैं यानी कि जरूरतमंदों की मदद करते है। माना जाता है कि ये पाक महीना इंसानी रूह को उसके अल्लाह के करीब लेकर जाता है। ये इंसान को ध्यान, ज्ञान और संवेदनाओं से रूबरू कराता है। लोग इस दौरान अनुशासित जीवन जीना सीखते हैं। इस दौरान रोजेदार पांच वक्त की नमाज पढ़ा करते हैं।

'ईद उल फितर' का पर्व

अगर कोई बीमार है या फिर कोई महिला गर्भवती है या कोई महिला हाल ही में मां बनी है तो उसे रोजा ना रखने की इजाजत है। इस्लाम के 9वें महीने के अंत में 29 का चांद होने पर 'ईद उल फितर' का पर्व मनाया जाता है, अगर चांद नजर नहीं आता है तो 30 रोजे पूरे होने के बाद ईद का पर्व मनाया जाता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+