Mahakumbh 2025 : कौन होते हैं नागा साधु, क्या होती है 'टांग तोड़ परंपरा', क्यों रहते हैं ये निर्वस्त्र?
Mahakumbh 2025 (नागा साधु कौन होते हैं?) : प्रयागराज की धरती पर आज से महाकुंभ 2025 का आगाज हुआ है। 26 फरवरी तक चलने वाले इस महापर्व में देश-विदेश से पर्यटक और भक्त आने वाले हैं। प्रशासन की ओर से इस महापर्व को ग्रैंड बनाने की पूरी कोशिश की गई है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हुए हैं तो वहीं भक्तों की सुविधाओं का भी पूरा ख्याल रखा गया है। आपको बता दें कि इस कुंभ मेले में साधु-संतों की टोलियां दिखाई देंगी तो वहीं बहुत सारे नागा साधु भी इस समागम का हिस्सा है।

नागा साधुओं का जीवन हमेशा ही लोगों के बीच रहस्य रहा है। ये कुंभ मेले में तो नजर आते हैं लेकिन कुंभ समाप्त होते ही ये कहां लुप्त हो जाते हैं, ये किसी को पता नहीं चलता है इसलिए लोगों के मन में इन्हें लेकर बहुत सारे सवाल होते हैं।
नागा साधु कौन होते हैं? (Mahakumbh 2025)
- नागा साधु शैव परंपरा का निर्वहन करते हैं और सांसरिक माया-मोह से दूर होते हैं।
- ये दिन-रात एक भोले शंकर की भक्ति में लीन रहते हैं।
- अब इनके लिए शरीर एक नश्वर चीज है इसलिए ये उसकी चिंता नहीं करते हैं और दिगंबर का जीवन जीते हैं।
- वस्त्रों को ये सांसरिक बंधन बांधते हैं इसलिए निर्वस्त्र रहते हैं।
- नागा साधु अपने पूरे शरीर पर भस्म (राख) लगाते हैं, जो मृत्यु और पुनर्जन्म के चक्र से मुक्ति का प्रतीक है।
- ये कहते हैं ये शरीर एक राख है जो कि इसी मिट्टी में एक दिन खाक हो जाएगा।
- वे अपने बालों को कभी नहीं काटते और जटा धारण करते हैं , ऐसा करके वो खुद को भगवान शिव के करीब मानते हैं क्योंकि वो भी जटाधारी हैं।
- वे हिमालय, जंगलों और कुम्भ मेले जैसे धार्मिक स्थलों पर कठोर साधना करते हैं।
नागा साधुओं का महत्व (Mahakumbh 2025)
- नागा साधु धर्म का प्रसार करते हैं।
- पौराणिक कथाओं में इन्हें हिंदू शिवसैनिक के नाम से इंगित किया गया है।
- नागा साधु वेद, शास्त्र और योग में निपुण होते हैं।
- नागा साधुओं की टोली कुंभ मेले का खास आकर्षण है।
- शाही स्नान में ये भी पवित्र नदियों में स्नान करते हैं।
- ये दिन में केवल एक ही बार भोजन करते हैं वो भी भिक्षा मांगकर।
- इनका भोजन शुद्ध सात्विक होता है।
- ये 7 घर भिक्षा मांगते हैं और उसी को खाते हैं।
- अगर 7 घर में से भिक्षा नहीं मिलती तो ये उस दिन भोजन नहीं करते हैं।
कैसे बनते हैं नागा साधु? (Mahakumbh 2025)
- नागा साधु बनने की प्रक्रिया बहुत कठिन होती है।
- व्यक्ति को अपने गुरु से दीक्षा लेकर सांसारिक जीवन का त्याग करना होता है।
- दीक्षा के दौरान व्यक्ति का नया नाम रखा जाता है।
- नागा साधुओं को अस्त्र-शस्त्र की शिक्षा दी जाती है।
- नागा साधु बनने के बाद व्यक्ति को आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन करना होता है।
- इसके लिए उसे टांग तोड़ यानी कि लिंगभंग प्रक्रिया से गुजरना होता है, जो कि गुप्तढंग से की जाती है।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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