Magh Month 2023 : माघ में क्यों किया जाता है तुलादान? क्या है इसकी विधि?
तुलादान तब किया जाता है जब व्यक्ति के जीवन में मारक मारकेश की महादशा चल रही हो। मारक मारकेश ऐसा समय होता है जब व्यक्ति को मृत्यु तुल्य कष्ट होता है।

Magh Month 2023 (तुलादान): हिंदू परंपरा में तुलादान का बड़ा महत्व है। तुलादान में जिस व्यक्ति पर संकट होता है उसके वजन के बराबर कोई वस्तु तौलकर दान की जाती है। फल, अनाज, मिठाई आदि वस्तुएं तौली जाती है। वैसे तो तुलादान कभी भी किया जा सकता है किंतु माघ मास में इसे करने का विशेष फल बताया गया है। शास्त्र कहते हैं माघ मास में तुलादान करने से सहस्त्र तुलादान के बराबर फल प्राप्त होता है।
क्यों किया जाता है तुलादान
तुलादान मुख्यत: किसी जातक पर आए संकट को दूर करने के लिए किया जाता है। कोई बड़ा रोग हो, आर्थिक संकट हो, मृत्यु तुल्य कष्ट मिल रहा हो, दुर्घटनाएं बार-बार हो रही हों तो तुलादान किया जाता है।
कब किया जाता है तुलादान
तुलादान तब किया जाता है जब व्यक्ति के जीवन में मारक मारकेश की महादशा चल रही हो। मारक मारकेश ऐसा समय होता है जब व्यक्ति को मृत्यु तुल्य कष्ट होता है या यदि वह आयुखंड पूरा कर चुका है तो उसकी मृत्यु तक हो जाती है।
क्या है विधि
जब व्यक्ति के जीवन में मृत्यु के समान कष्टकारी समय चल रहा हो, जब उसे लगने लगे किअब आगे जीवन है ही नहीं, सब कुछ खत्म हो गया है, ऐसी स्थिति में तुलादान करने से संकट निश्चित रूप से दूर होता है। तुलादान किसी भी मास में किसा जा सकता है। तुलादान करने से पूर्व संकल्प लें या किसी पुरोहित के माध्यम से संकल्प लें किमैं यह तुलादान स्वयं को या परिवार के जिस सदस्य के नाम से करना हो उसके नाम से संकल्प लें। इसमें मुख्यत: यह भावना रखी जाती है किमैं संकटों को टालने के लिए यह तुलादान कर रहा हूं। अपने इष्टदेव, भगवान से प्रार्थना करें कितुलादान से संतुष्ट हों और संकटों का नाश करें। इसके बाद कोई भी वस्तु जैसे फल, मिठाई, लड्डू आदि व्यक्ति के वजन के बराबर तौले जाते हैं। अपने वजन के बराबर हरा चारा तौलकर भी गोशाला में गायों के लिए दिया जा सकता है।












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