Maa Siddhidatri: आज है मां सिद्धिदात्री का दिन, जानिए पूजा विधि, महत्व, मंत्र और आरती
Maa Siddhidatri: नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है। मां का ये रूप बहुत ही सुंदर और अलौकिक है, मां अपने भक्तों से बहुत प्रेम करती हैं और उन पर दोनों हाथो से प्रेम लुटाती हैं। मां सिद्धिदात्री की आराधना करने से सिद्धि और सफलता प्राप्त होती है।
आपको बता दें कि महानवमी को विजय की प्रतीक के रूप में देखा जाता है और यह बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देती है।

महानवमी पूजा विधि (Maa Siddhidatri)
- स्नान के बाद साफ वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थल पर देवी सिद्धिदात्री की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- धूप, दीप, पुष्प, अक्षत, चंदन, नैवेद्य आदि से मां की पूजा करें।
- कन्या पूजन करें।
- चालीसा और आरती का पाठ करें।
- हलवा-पुड़ी और चना का भोग लगाएं।
- प्रसाद बांटें।
कन्या पूजन के लिए शुभ मुहूर्त (Maa Siddhidatri)
आज सुबह 11:59 से दोपहर 12:50 तक है।
मंत्र
- या देवी सर्वभूतेषु माँ सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता।
- नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।
मां सिद्धिदात्री की आरती (Maa Siddhidatri Ki Aarti Lyrics)
- जय सिद्धिदात्री मां, तू सिद्धि की दाता।
- तू भक्तों की रक्षक, तू दासों की माता।
- तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि।
- तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि।
- कठिन काम सिद्ध करती हो तुम।
- जभी हाथ सेवक के सिर धरती हो तुम।
- तेरी पूजा में तो ना कोई विधि है।
- तू जगदम्बे दाती तू सर्व सिद्धि है।
- रविवार को तेरा सुमिरन करे जो।
- तेरी मूर्ति को ही मन में धरे जो।
- तू सब काज उसके करती है पूरे।
- कभी काम उसके रहे ना अधूरे।
- तुम्हारी दया और तुम्हारी यह माया।
- रखे जिसके सिर पर मैया अपनी छाया।
- सर्व सिद्धि दाती वह है भाग्यशाली।
- जो है तेरे दर का ही अम्बे सवाली।
- हिमाचल है पर्वत जहां वास तेरा।
- महा नंदा मंदिर में है वास तेरा।
- मुझे आसरा है तुम्हारा ही माता।
- भक्ति है सवाली तू जिसकी दाता।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी बात को अमल में लाने से पहले किसी पंडित या ज्योतिषी से जरूर बात करें।












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