Kharmas 2024: खरमास में क्यों नहीं होती है शादी? क्या ये एक अशुभ महीना है?
Kharmas Kyo hai Asubh Mahina: आज से खरमास माह की शुरुआत हुई है, अब से लेकर आने वाले एक महीने तक ना तो कोई शुभ काम होगा और ना ही शादी-ब्याह का आयोजन किया जाएगा। हिंदू धर्म में इस वक्त को अशुभ कहा जाता है।
दरअसल मार्कण्डेय पुराण में कहा गया है कि 'इस एक महीने में सूर्य अपनी राशि तो बदलते ही साथ ही अपने सात घोड़ों को आराम देकर गधे के साथ ब्रह्मांड की सैर को निकलते हैं इसलिए मांगलिक कार्य इस माह में नहीं होते हैं।'

इस बारे में जो कथा है उसके अनुसार, सूर्य देवता अपने रथ पर यात्रा करते हैं, जिसमें सात घोड़े जुते होते हैं। एक बार ऐसा हुआ कि घोड़े अत्यधिक थक गए और आगे बढ़ने में असमर्थ हो गए। इसे देख, सूर्य देवता ने एक गधा (जिसे खर कहा जाता है) रथ में जोड़ा और यात्रा जारी रखी।
सूर्य का असर होता है कम इसलिए पड़ती है कड़ाके की ठंड
गधे की धीमी गति के कारण सूर्य की गति भी मंद हो गई, और इस समय को खरमास कहा जाने लगा। माना तो ये भी जाता है कि सूर्य अपने सैर की वजह से वो पृथ्वी से भी थोड़ा दूर होते हैं और इस कारण उनका असर इस वक्त थोड़ा कम दिखता है और इसी कारण एक महीने जमकर ठंड पड़ती है।
खरमास में बृहस्पति का प्रभाव कम हो जाता है
कुछ पुराणों में जिक्र है कि जब सूर्य के मीन या धनु राशि में प्रवेश करने से इन राशियों के स्वामी बृहस्पति का प्रभाव कम हो जाता है, जो कि रिश्तों के लिए शुभ नहीं है इसलिए एक महीने शादी नहीं होती है।
दान, पूजा, पाठ और गरीबों की सहायता करें
हालांकि धार्मिक दृष्टि से इस समय में दान, पूजा, पाठ और गरीबों की सहायता करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। खरमास का मुख्य उद्देश्य आध्यात्मिक साधना, उपवास, और भगवान की भक्ति करना है।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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