Kamada Ekadashi 2024 Muhurat: सावन की कामदा एकादशी आज, जानिए पूजा मुहूर्त, विधि और कथा
Kamada Ekadashi 2024 Muhurat: श्रावण मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को कामदा एकादशी या कामिका एकादशी कहा जाता है। यह एकादशी 31 जुलाई 2024 बुधवार को आ रही है।
इस एकादशी का व्रत जो मनुष्य रखता है उसकी सारी कामनाएं पूर्ण हो जाती है।जिस कामना की पूर्ति का संकल्प लेकर व्रत करता है वह शीघ्र ही फलीभूत होती है।

कामदा एकादशी के दिन श्रीहरि विष्णु का आकर्षक श्रृंगार कर उन्हें गोदुग्ध का नैवेद्य लगाना चाहिए। इस गोदुग्ध को ही नैवेद्य के रूप में ग्रहण करना चाहिए। इस दिन व्रत की कथा अवश्य सुनना या पढ़ना चाहिए।
कैसे करें पूजन
कामदा एकादशी के दिन प्रात:काल स्नानादि से निवृत्त होकर साफ स्वच्छ वस्त्र पहनकर अपने पूजा स्थान में बैठकर श्रीहरि विष्णु के चित्र या मूर्ति के समझ एकादशी व्रत का संकल्प लें।
कामना पूर्ति की इच्छा हो तो उसका उच्चारण करें
यदि कोई कामना पूर्ति की इच्छा हो तो उसका भी उच्चारण करें। इसके बाद विधिवत पूजन करें। पीले पुष्पों से प्रभु का आकर्षक श्रृंगार करें। गोदुग्ध का नैवेद्य लगाएं। व्रत की कथा सुनें और आरती कर प्रसाद ग्रहण करें।
कामदा एकादशी व्रत कथा
एक समय किसी नगर में एक ठाकुर निवास करता था। उस गांव में ठाकुर का बड़ा रौब था। एक बार उसका उसी के गांव में रहने वाले एक वेदपाठी और शीलवान ब्राह्मण से विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि ठाकुर ने ब्राह्मण की हत्या कर दी। ठाकुर को दिन-रात ब्राह्मण की हत्या का पाप सताने लगा। उसकी रातों की नींद उड़ गई।
उसे कहीं चैन नहीं मिलता था। ब्राह्मण की हत्या के पाप के कारण उसका सारा धन-सम्मान, दबदबा, परिवार, संपत्ति सब कुछ बर्बाद हो गया। परेशान होकर वह एक ऋषि के आश्रम में पहुंचा और ब्राह्मण हत्या के पाप से मुक्त होने का मार्ग पूछा। ऋषि ने उसे श्रावण मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी का व्रत करने का सुझाव दिया। ठाकुर ने ऋषि के बताए अनुसार विधि विधान से व्रत किया और ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्त हो गया।
कामदा एकादशी कब से कब तक (Kamada Ekadashi 2024 Muhurat)
- एकादशी प्रारंभ : 30 जुलाई सायं 4:44
- एकादशी पूर्ण : 31 जुलाई दोप 3:54
- व्रत का पारण : 1 अगस्त प्रात: 5:58 से 8:36












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